सोशल मीडिया ने बनाया बालकों को परिपक्व, साइबर अपराध के जाल में फंस रहे हैं किशोर

Samachar Jagat | Tuesday, 10 Jul 2018 02:05:29 PM
Social media made children mature,Teenagers are trapped in the trap of cyber crime

इंटरनेट डेस्क। सोशल मीडिया को लेकर बहस चल निकली है कि यह बालकों और किशोर के लिए गलत साबित हो रहा है।  परिवार के सदस्य कितनी भी रोक लगाने के बाद भी 13 साल के बच्चे भी अपनी फेस बुक आई डी बनाकर चेटिंग करना प्रारंभ कर देते हैं।

आजकल ट्विटर, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम आदि पर अकाउंट बनाकर चेटिंग करना आमबात हो गई है। उनके पास मोबाइल हो या मांग कर चेटिंग करनी पड़े लेकिन उसे तो बस देश-विदेश में बसे अपने दोस्तों से चेटिंग करने का एक जुनून छा गया है।

फिर से छीना हुआ ताज हासिल करेंगे राहुल गांधी, बन सकते है 2019 में PM?

वे किशोर देश-विदेश से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट आते ही बिना सोचे-विचार किए सबको अपना दोस्त बना लेते हैं। इसके माध्यम से वे जाने-अनजाने में साइबर अपराध के दल-दल में फंस जाते  हैं ।  

हर महीने बनेंगे एक करोड़ स्मार्टफोन,  पांच हजार करोड़ के निवेश से तैयार नए संयंत्र का उद्घाटन

इन सोशल साइटों पर लडक़ों को गर्लफैंड बन जाती हैं और लड़कियों के ब्यॉय फैंड बन जाते हैं। यहीं से नए रिश्तों का जन्म होता है। किशोर हो या किशोरी परिवार से छूप कर इस नए सम्बंध को बनाने का प्रयास करना प्रारंभ कर देते र्हैं।

हम कहते हैं कि किशोर उम्र में सही गाईड मिल जाए तो जीवन की वैतरणी अच्छी तरह पार हो जाती है। लेकिन जब किशोर इस उम्र में सोशल साइट के अश्लील जाल में फंस जाता है तो उसका जीवन अंधकारमय गुजरता है।

भारतीय राजनीति में सफल रहे नरेन्द्र मोदी

इन सोशल साइटों के माध्यम से आज का बच्चा समय से पहले ही परिपक्व होता जा रहा है। हम कई बार सेल्फी लेते समय दुर्घटना से मौत की खबरें पढ़ते हैं।

इसके पीछे यह कारण होता है कि अच्छे और ज्यादा कमेंट पाने के चक्कर में एडवेंचरस फोटोज लेने का प्रयास करते हैं। इस कारण से लाइक के चक्कर में जिन्दगी से हाथ धोना पड़ जाता है।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.