संसदीय दल की नेता बनीं सोनिया, दोनों सदनों में नेता के चयन के लिए अधिकृत

Samachar Jagat | Saturday, 01 Jun 2019 04:31:22 PM
Sonia becomes leader of parliamentary party, authorized for selection of leader in both Houses

नई दिल्ली। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को एक बार फिर से कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया और इस मौके पर उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए 'कई निर्णायक’ कदमों पर विचार चल रहा है। इससे पहले भी सोनिया यह भूमिका निभा रही थीं। संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया को नेता चुना गया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा और सभी सदस्यों ने उसका अनुमोदन किया।

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पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक संसदीय दल का नेता लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी के नेताओं का चुनाव करता है, ऐसे में सोनिया गांधी ही दोनों सदनों में नेताओं के नाम पर फैसला करेंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं तो उन्होंने कहा कि गांधी पार्टी के अध्यक्ष हैं और बाकी जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं वो सब अफवाह हैं। सोनिया गांधी के नेता चुने जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, कांग्रेस संसदीय दल की नेता चुने जाने पर सोनिया गांधी जी को बधाई। उनके नेतृत्व में कांग्रेस एक मजबूत और प्रभावी विपक्षी पार्टी साबित होगी जो भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी।

संसदीय दल की बैठक में सोनिया ने कहा, मैं अपने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करना चाहती हूं जिन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी की शत्रुता का सामना किया। यह उनकी मेहनत और धैर्य का परिणाम है कि देश के 12.3 करोड़ लोगों ने कांग्रेस में अपना विश्वास प्रकट किया। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख ने कहा, मैं इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद करना चाहती हूं जिन्होंने पूरी मेहनत से प्रचार अभियान चलाया। कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात एक कर दिया।

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चुनावी हार और राहुल गांधी के इस्तीफ़े की पेशकश के बाद पैदा हुए हालात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, संकट के इस समय में हमें यह स्वीकारना होगा कि कांग्रेस पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की कुछ दिनों पहले बैठक हुई थी जिसमें आगे के कदमों और आगे बढ़ने के संदर्भ में चर्चा की गई। पार्टी को मजबूत करने के लिए कई निर्णायक कदमों पर चर्चा हो रही है।

गौरतलब है कि 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में गांधी ने इस्तीफ़े की पेशकश की थी, हालांकि सीडब्ल्यूसी ने उनकी पेशकश को खारिज कर दिया और उन्हें संगठन में सभी स्तर पर आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया। संसदीय दल की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि वह संविधान एवं देश के हर नागरिक के लिए लड़ रहा है। गांधी ने कहा, कांग्रेस के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि आप संविधान के लिए लड़ रहे हैं, आप देश के हर व्यक्ति के लिए लड़ रहे हैं चाहे वह किसी भी वर्ण या आस्था का हो।-एजेंसी

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