सुषमा स्वराज नहीं लड़ेंगी 2019 का लोकसभा चुनाव, ये वजह बताई

Samachar Jagat | Wednesday, 21 Nov 2018 11:30:38 AM
Sushma declares not contesting Lok Sabha polls

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इंदौर/नई दिल्ली। बीजेपी की प्रखर वक्ता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की। मंगलवार को की गई इस घोषणा के लिए उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया है। स्वराज ने यहां मीडिया से कहा कि वैसे तो मेरी चुनावी उम्मीदवारी तय करने का अधिकार मेरी पार्टी को है। लेकिन स्वास्थ्य कारणों से मैंने अपना मन बना लिया है कि मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी।


सुषमा, 2009 से ही लोकसभा में मध्यप्रदेश के विदिशा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। बीजेपी की 66 वर्षीय नेता ने कहा कि विदिशा से साल 2009 में लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद मैं सदन की नेता प्रतिपक्ष और इसके पश्चात विदेश मंत्री के अहम पदों पर आसीन होने के बावजूद 8 वर्ष तक अपनी संसदीय सीट के आठों विधानसभा क्षेत्रों में हर महीने नियमित तौर पर जाती थी।

लेकिन दिसंबर 2016 में गुर्दा प्रतिरोपण के बाद मुझे डॉक्टरों ने धूल से बचने की हिदायत दी है। इस वजह से मैं गत एक वर्ष से चुनावी सभाओं में भी भाग नहीं ले पा रही हूं। उन्होंने कहा कि मैं स्वास्थ्य कारणों से खुले स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकती हूँ।

मैं बंद सभागारों में ही कार्यक्रम कर सकती हूं। मैंने अपने नेतृत्व से भी कहा है कि अपने स्वास्थ्य को देखते हुए मुझे धूल से बचना है। स्वराज ने कहा कि मैं विदेश तो जा सकती हूँ। लेकिन धूल से बचने की डॉक्टरी हिदायत की वजह से विदिशा नहीं जा सकी, क्योंकि कुछेक कस्बों को छोड़कर मेरा पूरा संसदीय क्षेत्र देहाती है। पिछले कुछ समय में विदिशा क्षेत्र में स्वराज के नहीं पहुंचने पर नाराज लोगों ने लोकसभा सांसद को गुमशुदा बताते हुए पोस्टर लगाये थे।

इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर मेरे विरोधी मेरे स्वास्थ्य के प्रति इस कदर संवेदहीन होकर ऐसे पोस्टर लगाते हैं, तो मुझे इस पर कुछ नहीं कहना। उन्होंने कहा कि मेरा रिकॉर्ड मध्यप्रदेश की ऐसी लोकसभा सांसद का रहा है, जिसने अपने क्षेत्र का सबसे ज्यादा दौरा किया है। गत 2 वर्ष के दौरान मैं भले ही अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकी हूं।

लेकिन मैंने विदिशावासियों से किए गए सारे वादे दिल्ली में बैठकर पूरे किए हैं। स्वराज ने कहा कि बुधनी-इंदौर रेललाइन को मंजूरी दिलाने का वायदा भी मैंने आगामी चुनावों से पहले पूरा कर दिया है। स्वराज हिन्दी की प्रखर वक्ता हैं और एक सांसद एवं मंत्री के रूप में उन्होंने संसद एवं विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रभावी भाषण हिन्दी में दिए हैं।

वे अंग्रेजी में उसी सहजता के साथ भाषण देती हैं कितु वह प्राय: हिन्दी में ही बोलना पसंद करती हैं। भाजपा नेता के नाम देश में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनने का भी रिकार्ड है। वह हरियाणा सरकार में 1977 में महज 25 वर्ष की आयु में कैबिनेट मंत्री बनी थीं। उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी हासिल है। स्वराज भारत की पहली महिला विदेश मंत्री थीं।

इससे पहले इन्दिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए यह दायित्व निभाया था। स्वराज तीन बार राज्यसभा सदस्य और अपने गृह राज्य हरियाणा की विधानसभा में दो बार सदस्य रह चुकी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने सूचना प्रसारण मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्री सहित विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाली थी।

उन्होंने 1999 में बेल्लारी लोकसभा चुनाव कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विरूद्ध लड़ा था। हालांकि वह यह चुनाव सोनिया गांधी के हाथों हार गयी थीं। सुषमा को बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता है। सुषमा लोकसभा में 2009-14 के बीच नेता प्रतिपक्ष थीं।

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