यौन उत्पीडऩ कानून के क्रियान्वयन पर एनजीओ के विचारों पर गौर करे केन्द्र सरकार : सुप्रीम कोर्ट

Samachar Jagat | Tuesday, 13 Mar 2018 09:24:59 AM
The Central Government should consider the NGO's views on the implementation of sexual harassment law:Supreme court

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कार्यस्थलों पर यौन उत्पीडऩ के रोकथाम के लिए कानून के अनुपालन पर एक एनजीओ के सुझावों पर गौर करने को कहा।

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प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने केंद्र को दिल्ली के एनजीओ इंनिशिएिटव फोर इनक्लूशन फाउंडेशन की याचिका पर 19 अप्रैल तक जवाब देने को कहा।

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एनजीओ ने दावा किया है कि कार्यस्थलों पर यौन उत्पीडऩ के मामले बढ़ रहे हैं। उसने कार्यस्थल यौन उत्पीडऩ (रोकथाम और पाबंदी) अधिनियम को तत्काल उपुयक्त तरीके से लागू करने की मांग की।

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उसका कहना था कि जिला स्तर पर स्थानीय अधिकारी एवं शिकायत समितियों नहीं नियुक्त की जा रही हैं ऐसे में पीडि़ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए उपयुक्त मंच नहीं मिलता।
 



 

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