मस्जिद में मुस्लिम महिलाओं को नमाज पढ़ने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दंपती की याचिका

Samachar Jagat | Tuesday, 16 Apr 2019 12:25:08 PM
The couple's petition in the Supreme Court about the demand for prayers of Muslim women in the mosque

नई दिल्ली। पुणे की एक मुस्लिम दंपती ने उच्चतम न्यायालय में महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश और नमाज पढ़ने को लेकर याचिका दायर की है। इस पर याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि  कुरआन और मोहम्मद साहेब ने महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश का कभी विरोध नहीं किया। बता दें कि याचिकाकर्ता ने इससे पहले कई मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश के लिए अपील की थी। ल​लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। 

अपनी याचिका में याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश से रोकना और गैर कानूनी और गैर संवैधानिक है। यह मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है। याचिका में कहा गया कि कुरान और हदीस में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। इस तरह की परंपरा महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ है। 

इस याचिका में बताया गया है कि पुरूषों की तरह ही महिलाओं का भी इबातदत करने का संवैधानिक अधिकार है। इसमें कहा गया है कि इस समय उन मस्जिदों में तो महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी जाती है। जिनका प्रबंधन जमात ए इस्लामी के अधीन आता है। लेकिन सुन्नी मत के अन्य पंथों की मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। इसके अलावा जिन मस्जिदों में उनके लिए अलग से नमाज पढने की व्यवस्था होती है। वहां उनके लिए अलग से निकास और प्रवेश के लिए दरवाजे है। 

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