23 मार्च : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Saturday, 23 Mar 2019 04:41:51 PM
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लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी के मामले में राजस्थान का रिकॉर्ड खराब

Rajasthan records poor record in women participation in Lok Sabha elections

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जयपुर। राजस्थान में अब तक हुए आम चुनावों में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी बहुत कम रही है। पिछले दशकों में आधी आबादी की भागीदारी में कुछ बढ़ोतरी तो हुई है लेकिन यह पर्याप्त नजर नहीं आती। वर्ष 1952 से अब तक हुए 14 लोकसभा चुनावों में 180 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरी हैं लेकिन उनमें से कई की उम्मीदवारी एक बार से अधिक रही है। 25 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य से संसद के निचले सदन के लिए निर्वाचित होने वाली महिलाओं की संख्या सिर्फ 28 रही है।

खास बात यह है कि 1952 से 1989 तक हुए सात लोकसभा चुनावों में केवल छह महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। वर्ष 2009 में महिला उम्मीदवारों की सर्वाधिक संख्या 31 रही थी जबकि वर्ष 1952 में चुनाव लड़ने वाली केवल दो महिलाएं शारदा बाई (भरतपुर-सवाई माधोपुर सीट) और रानी देवी भार्गव (पाली-सिरोही सीट) थीं। हालांकि, इन दोनों महिलाओं की जमानत जब्त हो गई थी क्योंकि वे कुल पड़े मतों का छठवां हिस्सा भी हासिल नहीं कर पाई थीं।

राजस्थान में 2003 से 2008 तक और 2013 से 2018 तक महिला मुख्यमंत्री (वसुंधरा राजे) रही हैं। वह झालावाड़ सीट से 1989 से पांच बार चुनाव जीतने वालीं एकमात्र महिला भी हैं। चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक अन्य चर्चित महिला उम्मीदवारों में स्वतंत्र पार्टी की गायत्री देवी और कांग्रेस की गिरिजा व्यास रही हैं जिन्होंने कई बार संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। राजस्थान में अब तक 125 महिला उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो चुकी है।

इस संबंध में नौ बार की विधायक और राजस्थान विधानसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा सिह ने कहा कि पुरुषों के दबदबे वाले समाज के कारण महिलाओं को वर्षों से राजनीति में भागीदारी का मौका नहीं मिला। बीते वर्षों में साक्षरता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ने से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत तो बढा है लेकिन महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण अब भी वास्तविकता से दूर है।

वाराणसी में पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे तमिलनाडु के किसान

Farmers of Tamil Nadu will fight against PM Modi in Varanasi

तिरुचिरापल्ली। अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में कई दिनों तक प्रदर्शन कर चुके तमिलनाडु के किसान चुनावी समर में उतरने की तैयारी में हैं। वे वाराणसी लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए 111 नामांकन दाखिल करेंगे। तमिलनाडु के किसान नेता पी अय्याकन्नू ने शनिवार को कहा कि राज्य के 111 किसान वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदियां जोड़ो किसान संगठन के अध्यक्ष अय्याकन्नू ने कहा कि उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया गया ताकि भाजपा से कहा जा सके कि वह अपने घोषणा-पत्र में इस बात को शामिल करे कि फसल उत्पादों के लिए मुनाफ़े वाली कीमत सहित किसानों की अन्य मांगें पूरी की जाएंगी।

100 से अधिक दिनों तक 2017 में दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई कर चुके अय्याकन्नू ने पीटीआई-भाषा को बताया कि जिस क्षण वे अपने घोषणा-पत्र में सुनिश्चित करेंगे कि हमारी मांगें पूरी की जाएंगी, हम मोदी के खिलाफ लड़ने का अपना फैसला वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे मोदी के खिलाफ चुनाव जरूर लड़ेंगे।

अय्याकन्नू ने कहा कि चुनाव लड़ने के फैसले का हर जगह के किसानों और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने समर्थन किया है। यह पूछे जाने पर कि वे अपनी मांग सिर्फ भाजपा से क्यों कर रहे हैं, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों से क्यों नहीं कर रहे, इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा अब भी सत्ताधारी पार्टी और मोदी प्रधानमंत्री हैं।

उन्होंने कहा कि द्रमुक और अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कड़गम जैसी पार्टियों ने अपने घोषणा-पत्र में पूरी कर्ज माफी के वादे को शामिल करने का आश्वासन दिया है। किसान नेता ने कहा कि हम भाजपा या अपने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नहीं हैं। सत्ता हासिल करने से पहले मोदी जी ने हमारी मांगें पूरी करने का वादा किया था और हमारी आय दोगुनी करने का आश्वासन दिया था।

उन्होंने कहा कि 300 किसानों के वाराणसी जाने के लिए टिकट पहले ही बुक किए जा चुके हैं। तिरुवन्नमलई और तिरुचिरापल्ली सहित कई अन्य जिलों के किसान वाराणसी पहुंचेंगे। किसान नेता ने कहा कि तमिलनाडु से भाजपा के एकमात्र सांसद पौन राधाकृष्णन भी यदि वादा कर दें कि हमारी मांगों को घोषणा-पत्र में सम्मान मिलेगा तो हम अपने फैसले पर फिर से विचार कर सकते हैं।

न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष बने लोकपाल, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

Justice Pinaki Chandra Ghosh Lokpal

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष को शनिवार को देश के पहले लोकपाल के रूप में शपथ दिलाई। आधिकारिक बयान में कहा गया, ''राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में शपथ दिलाई गई। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति घोष को मंगलवार को देश का पहला लोकपाल नामित किया गया था।

विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों- न्यायमूर्ति दिलीप बी भोसले, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार मोहंती, न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी के अलावा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी को लोकपाल में न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया है।

सशस्त्र सीमा बल की पूर्व पहली महिला प्रमुख अर्चना रामसुंदरम, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन, पूर्व आईआरएस अधिकारी महेंद्र सिह और गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी इंद्रजीत प्रसाद गौतम लोकपाल के गैर न्यायिक सदस्य हैं। न्यायमूर्ति घोष (66) मई 2017 में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए थे। जब लोकपाल अध्यक्ष के पद के लिए उनके नाम की घोषणा हुई तो वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य थे।

कुछ श्रेणियों के लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को देखने के लिए केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति करने वाला लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 में पारित हुआ था। नियमों के अनुसार, लोकपाल समिति में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्यों का प्रावधान है। इनमें से चार न्यायिक सदस्य होने चाहिए।

नियमों के अनुसार, लोकपाल के सदस्यों में 50 प्रतिशत अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाएं होनी चाहिए। चयन होने के बाद अध्यक्ष और सदस्य पांच साल के कार्यकाल या 70 साल की उम्र तक पद पर बने रह सकते हैं। लोकपाल अध्यक्ष का वेतन और भत्ते भारत के प्रधान न्यायाधीश के बराबर होंगे। सदस्यों को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर वेतन और भत्ते मिलेंगे।

अमेरिका समर्थित सीरियाई विद्रोही गुटों ने आईएस पर जीत का एलान किया

US-backed Syrian rebel groups announce victory over IS

बागुज। सीरिया में अमेरिका समर्थित विद्रोही गुटों ने पूर्वी सीरिया के बागुज गांव में इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले आखिरी इलाके को मुक्त कराने के साथ ही आतंकवादी समूह पर जीत की शनिवार को घोषणा कर दी। कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के प्रवक्ता मुस्तफा बाली ने ट्वीट कर कहा, ''बागुज मुक्त हो गया और आईएस के खिलाफ सैन्य जीत हासिल कर ली गई।

बागुज में आईएस के कब्जे वाले इलाके को मुक्त कराने के साथ ही आतंकवादियों के स्वयंभू खलीफा का अंत हो गया है। अमेरिका और उसके सहयोगियों का आईएस के चंगुल वाले क्षेत्रों को आजाद कराने का अभियान पांच साल तक चला। इस अभियान में 100,000 से अधिक बमों का इस्तेमाल किया गया और अनगिनत आतंकवादी और आम नागरिक मारे गए।

घोषणा से एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया कि इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी अब सीरिया के किसी भी क्षेत्र में मौजूद नहीं हैं। आईएस ने इलाके में अपने कब्जे के दौरान बड़े पैमाने पर नरसंहार किया और इनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया।

साल 2014 में इराक के सिजार क्षेत्र में आतंक मचाने के दौरान उसने यजीदी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की हजारों महिलाओं और लड़कियों को बंधक बनाया और उन्हें यौन दास बनने के लिए मजबूर किया। इनमें से कई आज तक लापता हैं। आईएस का अब सीरिया या इराक में किसी भी क्षेत्र पर कब्जा नहीं है, लेकिन वह अब भी इन दोनों देशों में आतंकवादी हमले कर रहा है। 

ट्रम्प ने कैरेबियाई नेताओं के साथ वेनेजुएला समेत सुरक्षा सहयोग पर की चर्चा

Trump discusses security cooperation with Venezuelan leaders including Venezuela

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कैरेबियाई देशों के नेताओं के साथ वेनेजुएला में जारी राजनीतिक संकट और सुरक्षा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता होगन गिडले ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी। 

गिडले ने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति ट्रम्प ने आज द बहामास, हैती, डोमिनिकन गणराज्य, जमैका और सेंट लूसिया के नेताओं के साथ मुलाकात की। उन्होंने सभी नेताओं से वेनेजुएला में एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन का समर्थन करने, आपदा लचीलापन, निवेश के अवसर, और सुरक्षा सहयोग के महत्व पर चर्चा की।

गौरतलब है कि वेनेजुएला में मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हो रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिका ने उस पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने के अलावा कहा है कि वह सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो ने 23 जनवरी को इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के साथ ही स्वयं को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया था।

अमेरिका के अलावा अब तक कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पनामा, पैराग्वे और पेरू समेत 54 देशों ने विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला में हजारों लोग मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व गुआइदो कर रहे हैं। जनवरी की शुरुआत में मादुरो ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी। हाल में संपन्न हुए चुनावों में उन पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे।

मादुरो के नेतृत्व में कई वर्षों से वेनेजुएला गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। बढ़ती कीमतों के अलावा खाने-पीने और दवाईयों की कमी के कारण लाखों लोगों ने वेनेजुएला से पलायन भी किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक वेनेजुएला के 27 लाख लोगों ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों में शरण ली हुई है।

मुलायम, अखिलेश के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुनवाई करेगा न्यायालय

 court hear more cases against Mulayam, Akhilesh property

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने की मांग की गई है। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने राजनीतिक कार्यकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी की नयी याचिका को 25 मार्च को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया है जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह या तो उच्चतम न्यायालय या फिर एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष आय से अधिक संपत्ति मामले की रिपोर्ट पेश करे। 

चतुर्वेदी ने 2005 में सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी वह मुलायम सिंह यादव, अखिलेश, उनकी पत्नी डिम्पल यादव और मुलायम के एक अन्य बेटे प्रतीक यादव के खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग कर कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई करे। उच्चनम न्यायालय ने एक मार्च 2007 के अपने फैसले में सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह आरोपों की जांच करे और यह पता लगाए कि समाजवादी पार्टी के नेताओं की आय से अधिक संपत्ति के संदर्भ में लगाए गए आरोप सही है या नहीं। 

फिंच का शतक, ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को पीटा

Finch century, Australia beat Pakistan

शारजाह। कप्तान आरोन फिंच (116) के विस्फोटक शतक और उनकी शान मार्श (नाबाद 91) के साथ दूसरे विकेट के लिए 172 रन की जबरदस्त साझेदारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को पहले वनडे में शुक्रवार को आसानी से आठ विकेट से पीटकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

ऑस्ट्रेलिया की यह लगातार चौथी वनडे जीत है। ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले भारत दौरे में पहले दो वनडे गंवाने के बाद अगले तीन वनडे लगातार जीतकर सीरीज को 3-2 से अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के प्रदर्शन को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में भी बरकरार रखा है।

पाकिस्तान ने हैरिस सोहैल के 114 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से बने 101 रन की बदौलत 50 ओवर में पांच विकेट पर 280 रन का मजबूत स्कोर बनाया लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 49 ओवर में दो विकेट पर 281 रन बनाकर मैच जीत लिया।

मैन ऑफ द मैच फिंच ने 135 गेंदों पर आठ चौकों और चार छक्कों की मदद से 116 रन की जबरदस्त पारी खेली। मार्श ने 102 गेंदों पर नाबाद 91 रन में चार चौके और दो छक्के लगाए। उस्मान ख्वाजा ने 24 और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने नाबाद 30 रन का योगदान दिया।

जीत से अभियान शुरू करना चाहेगी सनराइजर्स, सभी का निगाहें वार्नर पर

Sunrise and Warner all eyes on

कोलकाता। गत वर्ष फाइनल में पहुंची सनराइजर्स हैदराबाद की टीम रविवार को यहां 12वीं इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबले में दो बार की कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत करेगी जिसमें सभी की निगाहें वापसी कर रहे डेविड वार्नर पर लगी होंगी। वार्नर की कप्तानी में सनराइजर्स ने अपना एकमात्र आईपीएल खिताब 2016 में जीता था और 2017 में वह टीम के लिये सबसे ज्यादा रन जुटाने वाले खिलाड़ी रहे।

लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज केपटाउन में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के बाद पिछले आईपीएल में नहीं खेल पाया था और अब वह स्टीव स्मिथ के साथ आईपीएल में वापसी के लिए तैयार है। वार्नर और स्मिथ पर गेंद से छेड़छाड़ के लिए एक साल का प्रतिबंध लगा था जबकि युवा कैमरन बैनक्रोफ्ट को नौ महीने तक प्रतिबंधित किया गया था।

वार्नर और स्मिथ दोनों अपनी अपनी आईपीएल टीमों में प्रभाव छोड़ने की उम्मीद लगाये होंगे। हालांकि उसका प्रतिबंध 28 मार्च को समाप्त होगा लेकिन बायें हाथ का यह सलामी बल्लेबाज फ्रेंचाइजी लीग में खेल सकता है और वह शानदार प्रदर्शन के बूते आस्ट्रेलिया की विश्व कप टीम में दावा ठोकने की उम्मीद लगाये होगा।

जनवरी में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान कोहनी में लगी चोट के लिये सर्जरी करा चुके वार्नर ने सिडनी क्लब रैंडी पीट्स के लिये शानदार वापसी करते हुए इस महीने के शुरू में वनडे मैच में 77 गेंद में शतक जड़ा। पिछले चरण में वार्नर की अनुपस्थिति में टीम की अगुवाई कर उप विजेता बनाने वाले केन विलियमसन सनराइजर्स के कप्तान बरकरार रहेंगे।

टीम अपनी गेंदबाजी की गहराई और वैरिएशन के लिये मशहूर है। भुवनेश्वर कुमार तेज गेंदबाजी विभाग की अगुवाई करेंगे जबकि अफगानिस्तान के राशिद खान स्पिन आक्रमण के अगुवा होंगे। सनराइजर्स ने शिखर धवन की जगह विजय शंकर, शाहबाज नदीम और अभिषेक शर्मा को शामिल किया लेकिन देखना होगा कि वे भारतीय सलामी बल्लेबाज के जाने से कैसे उबर पाते हैं।

केकेआर की टीम में कप्तान दिनेश कार्तिक आईपीएल के मौके का फायदा उठाकर चयनकर्ताओं को आकर्षित करना चाहेंगे। गौतम गंभीर के जाने के बाद कार्तिक ने केकेआर की अगुवाई की और टीम पिछले साल दूसरे एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद से हारकर तीसरे स्थान पर रही। 

सोना 80 रुपए महंगा, चांदी 30 रुपए चमकी

Gold Rs 80 and silver Rs 30 increase

नई दिल्ली। स्थानीय जेवराती मांग निकलने से दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोना 80 रुपये चमककर 33,130 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इस दौरान औद्योगिक ग्राहकी आने से चांदी भी 30 रुपये चमककर 39,300 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सप्ताहांत पर शुक्रवार को पीली धातु की चमक बढ़ी रही। लंदन का सोना हाजिर तेजी में 1,313.20 डॉलर प्रति औंस पर रहा। अप्रैल का अमेरिकी सोना वायदा भी 6.10 डॉलर बढक़र 1,319.7 डॉलर प्रति औंस बोला गया। विदेशी बाजारों में चाँदी हाजिर मामूली गिरावट के साथ शुक्रवार को 15.42 डॉलर प्रति औंस पर रही।

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि होली से पहले सोने के भाव में रही गिरावट के बाद से खुदरा जेवराती ग्राहकी तेज हो गयी है, जिससे स्थानीय बाजार में पीली धातु की चमक बढ़ी है।

जयललिता का किरदार निभाएंगी ये बॉलीवुड की हॉट अदाकारा...

Kangana Ranaut to play Jayalalithaa role

मुंबई। बॉलीवुड में अपने संजीदा अभिनय के लिए मशहूर कंगना रनौत सिल्वर स्क्रीन पर जयललिता का किरदार निभाती नजर आएगी। कंगना रनौत पिछली बार मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी में दिखाई दी थीं। फिल्म में कंगना ने रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाया था।

कंगना अब तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के किरदार में दिखाई देंगी। जल्द ही तमिल और हिंदी में बनने वाली इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाएगी। कंगना ने यह कन्फर्म किया है कि वह अभिनेत्री से राजनेता बनीं जयललिता की बायॉपिक करने जा रही हैं। इस फिल्म का तमिल में नाम थलाइवी और हिंदी में नाम जया होगा।

दोनों भाषाओं में बन रही इस फिल्म का निर्देशक विजय करेंगे। जयललिता की बायॉपिक में कंगना को लिए जाने पर विजय ने कहा कि जयललिता मैडम हमारे देश की एक बड़ी नेता थीं। उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी है और हम इसे ईमानदारी से पूरा करने जा रहे हैं। मुझे भारत की सबसे टैलंटेड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत से जुड़ने पर खुशी है।

इस फिल्म को के.वी. विजयेंद्र प्रसाद लिखेंगे जिन्होंने इससे पहले बाहुबली जैसी सुपरहिट फिल्म लिखी है। कंगना ने इस फिल्म के बारे में कहा, ‘जयललिता हमारे देश की एक सबसे सफल महिला थीं। वह अपने समय की सुपरस्टार थीं और उसके बाद राजनीति में भी सफल हुईं। उन पर बन रही फिल्म से जुड़कर मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रही हूं।

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