19 मई : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Friday, 19 May 2017 05:11:19 PM
19 मई : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

SC की और से सुनाई गई सजा के निलंबन की मांग को लेकर कर्णन ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

SC की और से सुनाई गई सजा के निलंबन की मांग को लेकर कर्णन ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

नई दिल्ली। कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी एस कर्णन के केस का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने दावा किया है कि अदालत की अवमानना के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा न्यायमूर्ति कर्णन को  छह माह कैद की सजा के आदेश पर निलंबन की मांग को लेकर राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है। उधर राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि उसे एेसा कोई भी पत्र नहीं मिला है। जिसमें कर्णन से संबंधित कोई मामला सामने आया हो।

वकीलों ने कहा था कि न्यायमूर्ति कर्णन को प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ की आेर से सुनाई गई छह माह की कैद की सजा पर निलंबन की मांग करते हुए न्यायमूर्ति कर्णन की आेर से संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत एक ज्ञापन ई-मेल के जरिए भेजा गया है। वकीलों के अनुसार अनुच्छेद 72 कहता है कि राष्ट्रपति के पास सुनाई गई सजा में राहत देने शक्ति है। बताया जा रहा है की कर्णन की और से सजा पर निलंबन के लिए ज्ञापन वकील मैथ्यूज जे नेमपारा और ए सी फिलिप ने तैयार किया था। इसमें नौ मई को सुनाए गए फैसले से जुड़े घटनाक्रम का संदर्भ है।

वकीलों ने पूर्व में यह दावा किया था कि न्यायमूर्ति कर्णन ने उन्हें सुनाई गई कैद की सजा के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य को पत्र भेजे थे। न्यायमूर्ति कर्णन ने शीर्ष अदालत में एक याचिका लगाकर भी नौ मई के आदेश को वापस लेने की मांग की थी लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने इसपर त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया।

 

कोयला घोटालाः पूर्व सचिव एच सी गुप्ता सहित चार दोषी करार, 22 मई को सुनाई जाएगी सजा

कोयला घोटालाः पूर्व सचिव एच सी गुप्ता सहित चार दोषी करार, 22 मई को सुनाई जाएगी सजा

नई दिल्ली। सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता, पूर्व संयुक्त सचिव के एस क्रोफा, कोयला मंत्रालय के पूर्व निदेशक के सी समारिया और केएसएसपीएल फर्म के प्रबंध निदेशक पवन कुमार अहलूवालिया को कोयला घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने मध्यप्रदेश के थेसगोरा-बी रुद्रपुरी कोयला ब्लाक आवंटन में हुई अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में चार्टर्ड एकाउंटेंट अमित गोयल को बरी कर दिया। यह कोयला ब्लाक केएसएसपीएल फर्म को आवंटित किया गया था।

न्यायालय इस मामले में 22 मई को सजा सुनाएगा। इस मामले में आठ अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किये गये थे। न्यायालय ने इससे पहले आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे और कहा था पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मामले में एच सी गुप्ता ने अंधेरे में रखा। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि गुप्ता ने कोयला ब्लाक आवंटन मसले पर कानून और उनके ऊपर किये गये भरोसे को तोड़ा है।

 

आखिर सचिन ने क्यों की प्रधानमंत्री से मुलाकात 

आखिर सचिन ने क्यों की प्रधानमंत्री से मुलाकात 

नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवार को अपनी फिल्म ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्स’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की।  जेम्स अर्सकिन के निर्देशन में ‘भारत रत्न’ सचिन तेंदुलकर की जीवनी पर आधारित यह फिल्म 26 मई को रिलीज होगी। विश्व क्रिकेट में रिकॉर्डों के बादशाह तेंदुलकर ने ट्वीट कर पीएम मोदी से हुई मुलाकात की जानकारी दी।

उन्होंने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिल्म सचिन ए बिलियन ड्रीम्स के बारे में अवगत करवाकर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने लिखा कि आपके प्रेरणादायी संदेश ‘जो खेले, वही खिले’ के लिए नरेंद्र मोदी जी आपका आभार। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज के एक करीबी सूत्र ने कहा कि सचिन ने फिल्म के अहम पहलुओं पर चर्चा की। माननीय प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना की और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।  

 

बेनजीर हत्या केस : व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहते हैं मुशर्रफ

बेनजीर हत्या केस : व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहते हैं मुशर्रफ

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ बेनजीर भुट्टो हत्या मामले में वीडियो लिंक के जरिए गवाही देने के बजाय व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहते है। मुशर्रफ पर दो बार प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर की 2007 में हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुशर्रफ के वकील अख्तर शाह ने रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में चल रहे इस हाईप्रोफाइल हत्या मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि उनका मुवक्किल वीडियो लिंक के जरिए गवाही दर्ज कराने का इच्छुक नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुशर्रफ व्यक्तिगत रूप से पेश होकर खुली अदालत में गवाही दर्ज कराना चाहते हैं जिसके लिए उन्हें रक्षा मंत्रालय से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की जरूरत है। वकील के मुताबिक, मुशर्रफ कई प्रतिबंधित और आतंकी संगठनों की हिट लिस्ट में हैं और उनकी जिंदगी को गंभीर खतरा रहता है। संघीय सरकार पहले ही ऐसे अनुरोध को खारिज कर चुकी है।

पूर्व सैन्य शासक के खिलाफ राजद्रोह का आरोप है और सरकार ने विशेष अदालत को दिए जवाब में कहा था, ‘‘कोई भगोड़ा अदालत के समक्ष अपनी शर्तें तय नहीं कर सकता और बातें नहीं थोप सकता, वह भी सिर्फ अपनी व्यक्तिपरक संतुष्टि के लिए, जिसमें वही तय करेगा कि वह कब और कितने समय के लिए पेश होगा।’’ मुशर्रफ ने पांच मई को भी विशेष अदालत में ऐसी ही एक याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने अदालत से सैन्य सुरक्षा और सुरक्षित तरीके से दुबई वापस जाने का रास्ता दिए जाने का आश्वासन मांगा था। मुशर्रफ अभी दुबई में ही रह रहे हैं। आतंकवाद विरोधी अदालत ने उन्हें और अन्य आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए समन किया था।

 

'क्रिस कॉरनेल ने की थी खुदकुशी'

'क्रिस कॉरनेल ने की थी खुदकुशी'

लंदन। वाइने काउंटी के डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी रॉकबैंड साउंडगार्डन के अग्रणी गायक क्रिस कॉरनेल ने फंदे से लटककर खुदकुशी की थी। टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, डेट्रायड फॉक्स थियेटर में बैंड के साथ कंसर्ट खत्म करने के करीब एक घंटे बाद 52 वर्षीय कॉरनेल अपने होटल के बाथरूम में मृत पाए गए। उनके प्रतिनिधि ब्रायन बम्बेरी ने गायक की मौत को ‘‘अचानक और अप्रत्याशित’’ बताते हुए एक बयान में कहा कि परिवार ‘‘मौत की वजह का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के साथ काम कर रहा है।’’

बयान के मुताबिक कॉरनेल की पत्नी और परिवार के लोग इस घटना से सदमे में हैं और उन्होंने निजता की मांग की है। प्रारंभिक शव परीक्षण के बाद डॉक्टर के दफ्तर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘मौत की वहज फंदे से लटककर खुदकुशी है। पोस्टमार्टम की पूरी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।’’

 

खान त्रिमूर्ति को लेकर फिल्म बनाने की बात पर अनुष्का ने दिया ये जवाब...

खान त्रिमूर्ति को लेकर फिल्म बनाने की बात पर अनुष्का ने दिया ये जवाब...

मुंबई। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री-निर्माता अनुष्का शर्मा का कहना है कि वह शाहरूख खान, सलमान खान, आमिर खान को लेकर फिल्म नहीं बना सकती है। अनुष्का निर्मित फिल्म ‘फिल्लौरी’ इस वर्ष प्रदर्शित हुई है। अनुष्का से जब पूछा गया कि वह अपने प्रोडक्शन की फिल्म में बॉलीवुड की ‘खान’ तिकड़ी शाहरूख, सलमान, आमिर से किसी को क्यों नहीं लेती, तो अनुष्का ने सीधा सीधा जवाब दिया, फिलहाल जिस तरह की कहानियों पर हम फिल्म बना रहे हैं। उनमें किसी भी सुपरस्टार को नहीं लिया जा सकता। एनएच 10 और फिल्लौरी.. दोनों ही सुपरस्टार वाली फिल्में नहीं थीं।

खान को फिल्म में लेने की बात पर अनुष्का ने कहा, कल यदि हम कोई कहानी लिखते हैं.. जिसमें हमें सुपरस्टार्स की जरूरत हो.. तो मैं जरूर खान या बाकी सुपरस्टार्स से संपर्क करूंगी। लेकिन मेरे पास उनके लायक कहानी होनी चाहिए। मैं खासकर किसी कलाकार के लिए कहानी नहीं लिख सकती।- एजेंसी

 

बॉक्स ऑफिस की कमाई का नहीं होता असर: सुशांत

बॉक्स ऑफिस की कमाई का नहीं होता असर: सुशांत

मुंबई। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपने दम पर बॉक्स ऑफिस पर एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी जैसी सफल फिल्म दी हो। लेकिन उनका मानना है कि सप्ताहंत में होने वाली आमदनी का उन पर कोई असर नहीं होता है।  अभिनेता ने बताया कि उनका लक्ष्य कड़ी मेहनत करना है और अपने चरित्रों के साथ न्याय करना है। सुशांत ने बताया कि, ‘‘मैंने ‘ब्योमकेश’ में वास्तव में कड़ी मेहनत की थी।

लेकिन इसने शुक्रवार को अच्छा व्यवसाय नहीं किया। शनिवार-रविवार भी बुरा रहा। सोमवार सुबह में मैं पूरी तरह ठीक था। मैं सामान्य दिखने के लिए खुद पर दबाव नहीं डालता।’’ उन्होंने बताया, ‘धोनी’ ने सप्ताहंत में बेहतर आमदनी की। लेकिन सोमवार को मैं ठीक था, सामान्य था। मैंने सोचा कि ऐसा क्यों है, मुझे उड़ जाना चाहिए। लेकिन मैंने महसूस किया, मैं उस सप्ताहंत को अगले छह-आठ महीनों के बाद अपने जीवन में पसंद नहीं करूंगा।’’ 

अभिनेता ने बताया कि आंकड़ों को लेकर उत्साहित होने का कोई मतलब नहीं है और एक फिल्म में अपना 100 प्रतिशत देने में यकीन रखता हूंं। ‘राब्ता’ फिल्म में अभिनेता दोहरी भूमिका में नजर आने वाले हैं। दिनेश विजन के निर्देशन में बनी यह फिल्म नौ जून को सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।
 

अब नए बल्ले से लगेगी चौकों-छक्कों पर लगाम

अब नए बल्ले से लगेगी चौकों-छक्कों पर लगाम

लंदन। केवल चौकों-छक्कों के लिए मैच देखने वाले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बुरी खबर है। ब्रिटेन में बसे एक भारतीय सर्जन ने क्रिकेट के बल्ले की डिजाइन पर शोध किया जिससे इसके प्रयोग से मैच के दौरान चौकों-छक्कों पर लगाम लगेगी। इस शोध का लक्ष्य गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाना है। इस बल्लेे को अब इस साल एक अक्टूबर से यह इस्तेमाल में लिया जाएगा। खेल चोटों के विशेषज्ञ आर्थोपीडिक सर्जन चिन्मय गुप्ते ने लंदन के इम्पीरिल कॉलेज की टीम की अगुवाई की जो क्रिकेट के बल्लों पर शोध कर रही थी।

मेरिलबोन क्रिकेट क्लब इस शोध के नतीजे को लागू करने जा रहा है। गुप्ते ने कहा कि पिछले 30 साल में क्रिकेट में छक्कों की संख्या बढ़ गई है। बल्लों के डिजाइन ही इस तरह के हैं कि गेंद की बजाय बल्ले का दबदबा है। यह नया डिजाइन संतुलन लाएगा। नए नियम के तहत बल्ले के किनारे की मोटाई 40 मिलीमीटर से कम होगी और उसकी कुल गहराई 67 मिमी से ज्यादा नहीं हो सकती। पुणे में जन्में गुप्ते महाराष्ट्र के क्रिकेटर मधुकर शंकर के बेटे हैं और पेशेवर क्रिकेटर हैं जो मिडिलसेक्स और ग्लूसेस्टर के लिए खेल चुके हैं। चिन्मय गुप्ते ने जरूर चौकों और छक्कों पर लगाम लगाने के लिए यह प्रयोग किया हो, लेकिन इस प्रयोग से जरूर सीमित ओवरों के क्रिकेट मैच की रोचकता पर प्रभाव पड़ सकता है। 
 

GST के दायरे से बाहर रहेगी शिक्षा व हेल्थकेयर

GST के दायरे से बाहर रहेगी शिक्षा व हेल्थकेयर

जीएसटी को लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। सरकार जीएसटी बिल को अंतिम रूप देने में जुटी है ताकि जीएसटी को उसके नियत समय पर 1 जुलाई से देशभर में लागू किया जा सके।  एक ओर जहां देशभर के लोग यह जानने को उत्सुक है कि किन-किन क्षेत्रों में जीएसटी की दर क्या होगी। तो वहीं कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो जीएसटी में छूट व कम दर की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 

जीएसटी परिषद ने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत सेवाओं के लिए कर दर को अंतिम रूप शुक्रवार को दे दिया।  वहीं सरकार ने हेल्थकेयर व शिक्षा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया है। केरल के वित्त मंत्री थामस इसाक ने कहा कि सेवाओं के लिए चार दर स्लैब 5, 12, 18, 28 प्रतिशत की रहेगी।  सोने के लिए कर दर का फैसला अभी नहीं किया गया है। परिषद की बैठक तीन जून को फिर होगी। 3 जून को जीएसटी को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। 
 

जीएसटी दर की घोषणा से डर के माहौल में रहा शेयर बाजार

जीएसटी दर की घोषणा से डर के माहौल में रहा शेयर बाजार 

जीएसटी दरों की घोषणा के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर डर का माहौल बना रहा। लेकिन वहीं नकारात्मक निवेश धारणा के बावजूद दिग्गज कंपनियों के शेयर्स जरुर अपनी स्थिति को संभालकर ठिकठाक भाव पर बंद हुए। सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गँवाने के बाद 30.13 अंक की तेजी के साथ  30,434.79 अंक पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 1.55 अंक की गिरावट के साथ 9,427.90 अंक पर बंद हुई।

उपभोक्ता वस्तुओं की दर 18 प्रतिशत

रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं को जीएसटी में 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है। मौजूदा समय में इन पर औसतन 22 से 25 प्रतिशत कर लगता है। इससे बीएसई के सेंसेक्स में आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलिवर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। आईटीसी के शेयर करीब तीन प्रतिशत उछले। हिंदुस्तान यूनिलिवर में भी दो प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। जीएसटी में 1,200 वस्तुओं पर करों की दरें गुरुवार को घोषित कर दी गयी थीं जबकि सेवाओं के लिए दरों की घोषणा शुक्रवार को की गई।  

 

 
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