कांग्रेस की बीजेपी की मेहनत पर पानी फेरने की कोशिश, जद (एस) को समर्थन का ऐलान

Samachar Jagat | Tuesday, 15 May 2018 04:33:41 PM
Trying to water Congress effort on BJP

बेंगलुरु। कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति उभरती नजर आ रही है। अब तक की मतगणना में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ पीछे है। इसी बीच कांग्रेस ने कहा है कि वे सरकार के गठन के लिए जद (एस) को समर्थन देने को तैयार है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीजेपी की मेहनत पर पानी फेरने की कोशिश करते हुए जद (एस) को समर्थन देने का ऐलान किया है।

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सिद्धारमैया ने गुलाम नबी आजाद समेत कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ एक बैठक के बाद मीडिया से कहा कि हमने फैसला किया है कि कांग्रेस सरकार बनाने में जद (एस) का समर्थन करेगी। ये बीजेपी को बाहर रखने (सत्ता से) का सर्वश्रेष्ठ रास्ता है। वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने के लिए जद (एस) को समर्थन देने के कंाग्रेस के प्रस्ताव पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि 35 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। जद (एस) ने 18 सीट जीत ली है जबकि 19 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। बीजेपी उम्मीदवारों ने अब तक 75 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है जबकि 29 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। केपीजेपी और बहुजन समाज पार्टी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है।

एक सीट पर निर्दलीय उम्मीवार को बढ़त हासिल है। कर्नाटक विधानसभा की 224 में से 222 सीटों के लिए 12 मई को मतदान हुआ था। आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार की वजह से चुनाव टाल दिया गया, जबकि जयनगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया है।

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हालांकि शुरुआती रुझानों में बीजेपी आसानी से बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आई थी लेकिन समय बीतने के साथ बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर नजर आने लगी। बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली और बेंगलुरु में जश्न मनाना शुरू कर दिया था लेकिन कांग्रेस की घोषणा के साथ ही इस पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।

इससे कुछ देर पहले ही राष्ट्रीय राजधानी में बीजेपी के नेता चुनाव परिणामों को लेकर उत्साहित नजर आ रहे थे। वह दावा कर रहे थे कि चुनावी नतीजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने कांग्रेस की विभाजनकारी, कटुतापूर्ण और नकारात्मक राजनीति को खारिज कर दिया है।

कांग्रेस के औपचारिक तौर पर जद (एस) को समर्थन देने के बाद कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला की भूमिका अहम होने वाली है। वे बीजेपी के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं। आम परंपरा के मुताबिक राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी या चुनाव पूर्व गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में उसे सदन में बहुमत साबित करने को कहता है। 



 

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