हाथियों को भगाने के लिए नुकीली कीलों का इस्तेमाल: न्यायालय ने कर्नाटक सरकार से मांगा हलफनामा

Samachar Jagat | Monday, 20 Aug 2018 06:49:16 PM
Use of pointed nails to kill elephants

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाथियों को भगाने के लिए नुकीली कीलों और आग के गोलों को हटाने के बारे में उसके निर्देशों पर उठाए गए कदमों पर कर्नाटक सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का सोमवार को निर्देश दिया। शीर्ष कोर्ट ने हाथियों को भगाने के लिए नुकीली कीलों और आग के गोलों का यूज करने के तरीके को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कुछ सप्ताह पहले ही राज्यों को इस तरह के तरीके बंद करने का निर्देश दिया था।

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कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश उस वक्त दिया था जब उसे बताया गया कि कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड और ओडिशा जैसे राज्यों में हाथियों को भगाने के लिए इस तरह के उपाय किए जाते हैं।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को कर्नाटक सरकार ने सोमवार को बताया कि राज्य के प्राधिकारियों ने जुलाई माह में ही संबंधित अधिकारियों को इन कीलों को हटाने के बारे में पत्र लिखे थे और ये प्रक्रिया अभी भी चल रही है।

हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि कर्नाटक ने अपने हलफनामे में  स्वीकार किया है कि इन नुकीली कीलों को हटाने में करीब 6 माह का वक्त लगेगा। इस पर पीठ ने कहा कि 6 माह का वक्त बहुत अधिक है।

कर्नाटक सरकार के वकील ने हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट बयान दिया है कि सभी नुकीली कीलों को हटा दिया जाएगा। वकील ने कहा कि जहां तक 6 माह की वक्त सीमा का सवाल है तो वह इस बारे में  निर्देश प्राप्त करके पीठ को सूचित करेंगी।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने पीठ से कहा कि राज्य सरकार के एक अधिकारी ने यह बयान दिया था कि दूसरी व्यवस्था होने तक इन कीलों को नहीं हटाया जाएगा। 

याचिकाकर्ता के वकील ने भी दावा किया कि शीर्ष कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य में अभी तक कुछ नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल के वकील ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में दिशा निर्देश् जारी किए हैं कि हाथियों को भगाने के लिए इस तरह की नुकसानदेह किसी भी तरीके को नहीं अपनाया जाए।

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झारखण्ड सरकार ने भी कहा कि उसने राज्य में वन्य हाथियों के आवागमन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया है। पीठ ने इस मामले की सुनवाई 3 सप्ताह के लिए स्थगित करते हुए कहा कि इस बीच ये राज्य हलफनामा दाखिल करें। पीठ ने कर्नाटक को राज्य में नुकीली कीलें हटाने के संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया। 



 

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