लिखित माफी मांगे येचुरी : गिरी

Samachar Jagat | Saturday, 04 May 2019 04:07:36 PM
we want Written apology by Yechury: Giri

प्रयागराज। साधु संतों की जानी मानी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) के वरिष्ठ नेता सीतराम येचुरी के विवादित बयान की निंदा करते हुए उनसे लिखित माफी मांगने की मांग की है।

गिरी ने शनिवार को कहा कि जिस धार्मिक ग्रंथों को आधार बनाकर येचुरी ने ‘सनातन हिन्दू धर्म के लोगों को भहसक’ बताया है, उनको शायद इसके बारे में ज्ञान ही नहीं है। उन्होने कहा कि रामायण और महाभारत में कभी भी हिन्दू धर्म को भहसक नहीं दिखाया गया। उन्हे अपने भनदनीय बयान के लिए जनता से माफी मांगनी होगी। हिन्दू धर्म हमेशा अभहसा पर विश्वास रखता है।

महंत ने कहा कि हिन्दू धर्म में चींटी को मारना भी अपराध है। रामायण और महाभारत में उनका वध किया गया जो दानव प्रवृत्ति के थे, जिनका वध करना कोई अपराध नहीं है। उन्होने कहा कि जिस तरह आज देश में आतंकवादियों द्वारा निरपराध लोग मारे जा रहे हैं और आतंक फैलाया जा रहा है, उसी तरह रामायण और महाभारत काल में भी राक्षसों द्वारा निरपराध लोगों की हत्या की जा रही थी और आतंक फैलाया जा रहा था, ईश्वर ने मानवरूप धारण कर उनका वध किया।

उन्होने कहा कि येचुरी जैसे विचारधारा के लोग इसी प्रवृत्ति के हैं जो देश में दहशत फैलाना चाहते हैं। गिरी ने कम्युनिस्ट नेता के विवादित बयान का विरोध दर्ज कराने के लिए सभी तेरह अखाडों के प्रतिनिधियों, साधु-संतो एवं नागाओं से अनुरोध किया है। उन्होने कहा कि येचुरी लिखित मांफी नहीं मांगते तो उनके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जायेगा। एजेंसी
 



 

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