काले नहीं.... गोरे बच्चों के साथ होता है यहां भेदभाव

Samachar Jagat | Thursday, 12 Oct 2017 02:45:57 PM
Black is not White kids are with discriminated here

इंटरनेट डेस्क। काले और गोरे में भेदभाव पुराने समय से चला आ रहा है। हालांकि वर्तमान में ये चीज़ काफी कम हो चुकी, लेकिन कही ना कही आज भी इसके  कुछ न कुछ उदारण देखने को मिलते है। अब ये एक आम बात सी हो गयी है, लेकिन एक जगह है जहां गोरा होना अभिशाप माना जाता है, आईये जानते है उस जगह के बारे में.....

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अंडमान भारत में एक ऐसी जगह है जहां बच्चे का गोरा रंग किसी अभिशाप की तरह लिया जाता है। यहां गोरे बच्चे को किसी अभिशाप से कम नहीं समझा जाता। अंडमान में परंपरा के नाम पर जारवा जनजाति लोग अपने ही बच्चों की हत्या कर देते हैं।

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इस जनजाति के लोग इस परंपरा को सदियों से मानते आ रहे हैं। जारवा जनजाति के लोगों का विश्वास है कि ऐसा करने से समुदाय की शुद्धता बनी रहती है। यहां इस वजह से बच्चे को मार दिया जाता है। यहां के लोगों का रंग बेहद काला होता है। बच्चे की मां विधवा हो जाए या महिला का पति दूसरे समुदाय का हो तो बच्चे को मार दिया जाता है।

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कहा जाता है ति 90 के दशक में पहली बार ये जनजाति दुनिया के संपर्क में आई थी। इनके समुदाय में बाहर के लोगों का प्रवेश करना पूर्णत: वर्जित है। वहीँ, काला बच्चा पैदा करने के लिए यहां की प्रेग्नेंट महिलाएं जानवरों का खून पीते हैं। यहां मान्यता है कि अगर गर्भवती महिला को खून पिलाया जाए तो पैदा होने वाला बच्चे का रंग काला हो जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस जनजाति की आबादी करीब-करीब 400 है। 

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