भारत के अंतरिक्ष इतिहास के सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम का सामना करते हुए चंद्रयान-2 पन्द्रह जुलाई को होगा प्रक्षेपित

Samachar Jagat | Thursday, 13 Jun 2019 12:45:22 PM
Facing the most challenging program of Indias space history Chandrayaan-2 will be launched on 15th July

बेंगलुरु। भारत के अंतरिक्ष इतिहास के सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम का सामना करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 15 जुलाई को श्रीहरिकोटा से अपने महत्वाकांक्षी और पूर्णत स्वदेशी चंद्रयान-2 मिशन का प्रक्षेपण करेगा। इसरो के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 15 जुलाई को तड़के दो बजकर 51 मिनट पर किया जाएगा। इसके प्रक्षेपण के लिए 3.8 टन वजन वाले जीएसएलवी-एमके3 प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल किया जाएगा।

वायु प्रदूषण की वजह से भारत में जीवन प्रत्याशा 2.6 साल कम हुई : अध्ययन

उन्होंने बताया कि इसके तीन हिस्से होंगे, आर्टिबिटर, लैंडर और रोवर और लैंडर 30 किलोमीटर की ऊंचाई से चंद्रमा की सतह पर अंतिम रूप से उतरेगा जो इसरो के लिए सबसे अधिक रोमांचित करने वाला क्षण होगा क्योंकि इस तरह का प्रयोग वह पहली बार कर रही है। डॉ. सिवान ने कहा, चंद्रमा पर उतरने के लिए चंद्रयान-1 के लिए जो रणनीति अपनाई गई थी इस बार भी उसका इस्तेमाल किया जाएगा लेकिन आसानी से इसे चंद्रमा की सतह पर उतारना हमारे लिए काफी बड़ी चुनौती होगा।

इस वजह से लगातार बढ़ रही है कड़कनाथ मुर्गे की मांग, अस्तित्व को बचाने के लिए किए जा रहे हैं पूरे प्रयास

उन्होंने बताया कि इस मिशन पर काफी कम लागत आई है और उपग्रह की लागत 603 करोड़ रूपए ता जीएसएलवी पर 375 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इस स्पेशक्राफ्ट का कुल वजन 3.8 टन है जिसमें 650 किलोग्राम वजनी आर्बिटर भी शामिल है। -एजेंसी

इस मंदिर के नीचे बहने वाली जलधारा को देखकर पता लग जाता है कि कश्मीर के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
रिलेटेड न्यूज़
ताज़ा खबर

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.