संघर्ष से भरा हुआ, मेहनत से सजा हुआ...

Samachar Jagat | Wednesday, 10 Jan 2018 12:50:44 PM
Full of struggle poem

संघर्ष से भरा हुआ,,,

मेहनत से सजा हुआ,,,

       तू मुझमे जैसे रम गया,,

       तू लक्ष्य मेरा बन गया।।


चुनी जो तेरी राह है,,,

कठिन जो तेरी राह है,,,

        वही तो मेरी चाह है,,

        उसी पे मेरी थाह है।।


करे जो सारे काम है,,,

किये वो तेरे नाम है,,,

         तू ही मेरा सब हुआ,,

         तू सुबह तू ही शाम है।।


ये बाकी सब तो राख है,,,

बस तुझमे ही वो आग है,,,

       ना हो सकेगी अब अलग ,,

       लगी जो तुझसे लाग है।।


ना रोके आज मै रुकू,,,

ना हरके यू मै थकू,,,

        ये आस लिए हूं चल रहा,,

        के कल सफल मै हो सकु।।


सुने जो ताने है सभी ,,,

तू कर न पायेगा कभी,,,

         ये मन मे ठानी है अभी ,,

         वो चुप कराने है सभी ।।


हासिल तुझे करूंगा मै,,,

जो चाहा है बनूँगा मैं,,,

         देखे हैं मैंने सपने जो..

         सारे वो सच करूँगा मैं।।

 

Publish
Name Pranay jain



 

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