जन्माष्टमी के लिए 51 किलो चांदी से बनाई गई कामधेनु गाय

Samachar Jagat | Friday, 11 Aug 2017 03:56:01 PM
जन्माष्टमी के लिए 51 किलो चांदी से बनाई गई कामधेनु गाय

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में इस बार जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में जन्म अभिषेक के पहले इस बार ठाकुर के चल विग्रह का 51 किलो की चांदी की कामधेनु गाय द्वारा स्वचालित व्यवस्था से अभिषेक किया जाएगा।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने आज यहां बताया कि इसके लिए 51 किलो चांदी से कामधेनु गाय राजस्थान से तैयार कराई गई है। उस गाय के ऊपर स्वर्ण का मंडन किया गया है। उनका कहना था कि ऐसी मान्यता है कि गोमाता में स्वयं 33 करोड़ देवता वास करते हैं। रजत कमल पुष्प पर विराजमान ठाकुर जी के श्रीविग्रह का अभिषेक स्वर्ण मण्डित गौ विग्रह के पयोधरों से निकली दुग्धधारा से होगा। ठाकुर के अभिषेक के पूर्व गो माता का पूजनकर देव आह्वान किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि जहां भगवान की प्राक्रट्य भूमि एवं कारागार के रूप में प्रसिद्ध गर्भगृह की सज्जा आकर्षक होगी वहीं प्राचीन वास्तु के अनुरूप पुष्प रत्न प्रतिकृति के अछ्वुत संयोजन से गर्भगृह के मूलस्वरूप में बिना कोई परिवर्तन किये उसे दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

सचिव शर्मा ने बताया कि भागवत भवन के प्रवेश द्वारों की सज्जा में भगवान की प्रिय लीलाओं के दर्शन होंगे। भागवत भवन की सज्जा में कमल पुष्प, कमलाकृति, मक्खन की मटकी,, पत्र, पुष्प, वस्त्र आदि के अछ्वुत संयोजन से''नील मयूर-कुंज''स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इस पवित्र अवसर पर ठाकुर जी रेशम, जरी, सिल्क एवं रत्न प्रतिकृति के सुंदर संयोजन से बनी''कुसुम वेलि' पोशाक धारण करेंगे।

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कपिल शर्मा के अनुसार जन्माष्टमी की पूर्व संध्या यानी 14 अगस्त को शाम छह बजे श्रीकेशवदेव मंदिर से संत और भक्तजन ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे के वादन के मध्य श्रीराधा-कृष्ण की दिव्य पोशाक अर्पित करने के लिए संकीर्तन करते हुए जाएंगे और शाम सवा छह बजे जन्म महोत्सव की पोशाक एवं दिव्य रजत कमल-पुष्प के दर्शन होंगे।

उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी की शुरूवात 15 अगस्त की सुबह दिव्य शहनाई एवं नगाड़ा वादन से होगी। प्रात: अभिषेक के बाद 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास एवं गुरूशरणानन्द महराज के भावमय सानिध्य में दिव्य पुष्पांजलि का कार्यक्रम श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सिद्ध लीला मंच पर होगा। उनका कहना था कि जन्म के दर्शन जन्माष्टमी पर रात डेढ़ बजे तक होंगे।

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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जहां जन्मस्थान में आने वाले प्रत्येक भक्त को प्रसाद देने की व्यवस्था की गई है वहीं जन्मस्थान के प्रवेशद्वार पर 125 मन चरणामृत का वितरण किया जाएगा।

 

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