जानिए! प्रकृति का नायाब उदाहरण पेश करनें वाले इन भारतीय अभ्यारण्य के बारे में

Samachar Jagat | Monday, 20 Mar 2017 03:03:42 PM
जानिए! प्रकृति का नायाब उदाहरण पेश करनें वाले इन भारतीय अभ्यारण्य के बारे में

धरती की असल खूबसूरती का उदाहरण होते है यहां बसे जंगल। शहरीकरण के विस्तार के साथ साथ यहां के जंगलों का जीवन खतरें में पढ़ने लगा है। लेकिन देश के अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र है जिन्हें सरंक्षण के चलते भारतीय सरकार ने अभयारण्यों का दर्जा दिया है। ताकि जंगल के जीवन को बचाया जा सके। तो आइए जानते है देश के कुछ ऐसे ही अभ्ययारण्यों के बारे में जिनमें ना सिर्फ वन्य जीवो का जीवन सुरक्षित है बल्कि पकृति का एक अद्भुत दृष्ट भी देखने को मिलता है।

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जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क- यह नेशनल पार्क ना सिर्फ असल जंगल के वातावरण को दर्शाता है बल्कि यह सघन वनो की श्रेणी में भी आता है। बाघो, और जंगली जानवरों के सबसे खतरनाक इसके अधिकत्तर भाग को पर्यटको के लिए नहीं खोल रखा है। यह रामगंगा की पातलीदून घाटी में करीब 1318.54 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जिसके अंतर्गत 821.99 वर्ग किलोमीटर का जिम कॉर्बेट बाघ संरक्षित क्षेत्र है। यहां शेर, हाथी, भालू, बाघ, सुअर, हिरन, चीतल, सांभर, पांडा, काकड़, नीलगाय, घुरल और चीता आदि ‘वन्य प्राणी’ अधिक संख्या में हैं। यह बेहद सघन इलाका है।

कैम्पबॅल बे राष्ट्रीय उद्यान- यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में स्थित है। समुद्र के पास स्थित होनें के कारण इसकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते है।जो कि 426 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे 1992 में स्थापित किया गया था। यह बेहद ही सघन इलाका है, जहां पर वन्य जीवों की दुर्लभ प्रजातियां रहती हैं

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सुंदरवन राष्ट्रीय अभयारण्य- यह अभयारण्य पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में गंगा नदी के सुंदरवन डेल्टा् क्षेत्र में स्थित है। सुंदरवन राष्ट्रीय अभयारण्य देश में रॉयल बंगाल टाइगर का सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है। यहां पक्षियों, सरीसृप और रेंगने वाले प्राणियों की कई प्रजातियां बहुतायत में पाई जाती हैं। यहां बहुत बडे क्षेत्र में फैले मैंग्रोव इसे सघनता देते हैं। सुंदरवन को 4 मई 1984 को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। भारत तथा बांग्लादेश में यह जंगल 1,80,000 वर्ग किलोमीटर तक फैला है।

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान- इंद्रावती नदी किनारे स्थित यह उद्धान छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में स्थित है। इसी नदी के नाम पर ही इस हरे-भरे और बेहद बीहड़ इलाके को राष्ट्रीइय उद्यान का दर्जा मिला है। 2799 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला यह छत्तीहसगढ़ का एकमात्र टाइगर रिजर्व है। और यहां दुर्लभ जंगली भैंसों की आखिरी आबादी बची हुई है।

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ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान- यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। इसका क्षेत्रफल 1,171 वर्ग किलोमीटर है और यह 754.4 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसे 23 जून 2014 को प्राकृतिक विश्व धरोहर घोषित किया गया था। यह भारत का एक प्रमुख प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। इस उद्यान में पर्वत श्रृंखला रखुंडी टॉप, घुमतराओ, तीर्थन, पातल, मुझोणी, खोलीपोई, चादनीथाच आदि मनोरम स्थान भी देखनें को मिलते है।

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