2000 ईसा पूर्व की मेसोपोटामिया सभ्यता के मिले अवशेष, होगी जांच

Samachar Jagat | Sunday, 10 Jun 2018 01:45:26 PM
Remains of Mesopotamian civilization in 2000 BC, will be investigated

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सनौली गांव में उत्खनन स्थल से हाल में बरामद हुए और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पुरातत्व - विज्ञान संस्थान परिसर में रखे गए लौह युग से पहले के पुरातात्विक अवशेषों की और जांच की जाएगी ताकि इन अवशेषों को लेकर किए जा रहे दावों की सत्यता का पता लगाया जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। सनौली के उत्खनन स्थल में कब्रों से निकाली गई तांबे के प्लेट चढ़ी मानवरूपी आकृतियों एवं अन्य वस्तुओं के साथ पुरातत्वविदों को रथों के अवशेष भी मिले थे। पुरातत्व - विज्ञान संस्थान के निदेशक एस के मंजुल की अगुवाई वाली विशेषज्ञों की टीम ने चार जून को दावा किया था कि यह उप - महाद्बीप में रथों के पहले भौतिक प्रमाण हैं , जो 2000 ईसा पूर्व - 1800 ईसा पूर्व के समय के हैं। 

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उन्होंने कहा कि ये वस्तुएं पांच कब्रों से बरामद की गईं । इनमें कई कब्रों में एक में रथ था जबकि कुछ में एक से ज्यादा रथ थे। तांबे के रूपांकनों से सज्जित ताम्र - कांस्य युग के अवशेषों ने क्षेत्र की सभ्यता एवं संस्कृति पर और ज्यादा शोध करने के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मंजुल ने कहा, रथों में लकड़ी के बने पहिये हैं जो तांबे की प्लेट से ढके हुए थे। लकड़ियां सड़ गई हैं लेकिन तांबे की प्लेटिग की वजह से उस स्वरूप को अब भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, पहियों की धुरी और घोड़ों को रथ से जोड़कर रखने वाली चीज (योक) अब भी जस की तस है जिससे जांच में मदद मिलेगी। तलवार और चाकू ठोस तांबे के हैं और संकेत देते हैं कि वे योद्धा वर्ग के थे।  

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इस साल मार्च में शुरू हुई तीन महीने लंबी खुदाई में आठ कब्रें मिली हैं और तीन ताबूत, लंबी तलवारें, चाकू, कंघी और आभूषण सहित कई अन्य वस्तुएं भी मिली हैं। मंजुल ने कहा कि इन वस्तुओं के मिलने से इस बात पर भी रोशनी पड़ती है कि उस वक्त भारतीय सभ्यता ने कितनी अच्छी प्रगति की थी। इससे यह 2000 ईसा पूर्व की मेसोपोटामिया की सभ्यता के बराबर लगती है। उन्होंने बताया, उन वस्तुओं को अभी (लाल किला परिसर के भीतर स्थित) संस्थान के परिसर में रखा गया है। उनकी और जांच की जाएगी ताकि उनकी खुदाई के बाद से कही जा रही बातों को प्रमाणित किया जा सके। उदाहरण के तौर पर - कब्रों के शाही होने की बातें या हथियारों के योद्धा वर्ग के होने की बातें। -एजेंसी 
 

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