मजूबत फसल की उपज के लिए वैज्ञानिकों ने किया गन्ने के वंशाणु समूहों का खाका तैयार

Samachar Jagat | Thursday, 11 Oct 2018 12:42:28 PM
Scientists have prepared the genetic groups of sugarcane for the produce of crop

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने गन्ने के विशाल एवं जटिल वंशाणु समूह के क्रम का पता लगा लिया है जो अधिक उत्पादक एवं मजूबत फसल की उपज में मददगार साबित हो सकता है। अमेरिका के इलिनॉइस विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि गन्ना सदियों से मनुष्यों को शराब, जैव ईंधन, बुनाई एवं निर्माण सामग्रियां उपलब्ध कराने के साथ ही चीनी का ऐसा स्रोत बना हुआ है जिस पर विश्व सबसे अधिक निर्भर है। 

यह समग्र अनुक्रम तैयार करने के लिए 16 संस्थानों के करीब 100 वैज्ञानिकों ने संगठित प्रयास किया। अधिकतर किसानों द्वारा उगाया जाने वाला गन्ना दो प्रकारों- सैकहेरम ऑफिसिनेरम और सैकहेरम स्पॉन्टेनियम का मिश्रण है। सैकहेरम ऑफिसिनेरम चीनी की अधिक मात्रा वाला बड़े आकार का पौधा है जबकि सैकहेरम स्पॉन्टेनियम का छोटा आकार और कम मिठास बढ़ी हुई बीमारी प्रतिरोधक क्षमता एवं पर्यावरणीय तनाव सहने की शक्ति से संतुलित होता है ।

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि संपूर्ण जीनोम अनुक्रम नहीं मालूम होने की स्थिति में भले ही किसानों ने पीढ़ियों तक ज्यादा पैदावार वाली मजबूत फसल उगाई होगी लेकिन यह एक कठिन प्रक्रिया है जो समय एवं भाग्य पर निर्भर करती है।इलिनॉइस विश्वविद्यालय के प्राध्यापक रे मिग ने कहा, गन्ना पांचवी सबसे बहुमूल्य फसल है और संदर्भ के लिए जीनोम के नहीं होने से गन्ने की गुणवत्ता में सुधार के लिए जीनोमिक अनुसंधान एवं आणविक प्रजनन अवरोधित था। गन्ने के वंशाणु समूह के अनुक्रम संबंधी संपूर्ण विवरण नेचर जेनेटिक्स पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। -एजेंसी

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