टीचरर्स डे: नई तकनीकें भी बनती जा रही है हमारे गुरू

Samachar Jagat | Thursday, 05 Sep 2019 01:18:04 PM
Teacher's Day: New technologies are also becoming our guru

इंटरनेट डेस्क। हमारा जीवन बिना शिक्षक के अधूरा है। शिक्षक ही हमारे जीवन को बदलने का काम करता है। एक शिक्षक की डाॅंट-फटकार और समझाने के तरीके से ही एक इंसान सभ्य समाज का हिस्सा बन जाता है।


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हमारे जीवन में इंटरनेट का दखल बढ़ने के साथ छात्रों को कॉपी-किताबों से ज्यादा सहज लगता है ऑनलाइन पढ़ाई करना। समय के साथ कदमताल करते हुए शिक्षक भी एप, वीडियो चैनल का सहारा ले रहे हैं। सरकार की तरफ से भी शिक्षकों और छात्रों के लिए एप की पहल की जा रही है। कई शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।


1- दीक्षा एप - यह एप्लीकेशन राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों को मंच देता है। जिसमें क्षेत्रीय व अंग्रेजी भाषा में 12वीं कक्षा तक की एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें व अन्य सामग्री उपलब्ध है। 
2. ई-पाठशाला - सरकार और एनसीईआरटी द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस एप का प्रयोग भी शिक्षक इलेक्ट्रॉनिक किताबें पढ़कर ज्ञानवर्धन के लिए कर हरे हैं। 
 3. सीबीएसई सारांश - सीबीएसई स्कूल और अभिभावकों को यह एप जोड़ने का काम करती है। इससे जुड़कर शिक्षक-अभिभावक विद्यार्थियों को पढ़ाने के तरीकों के संबंध में स्वमूल्याकन कर रहे हैं। भ्ंचचल जमंबीमते कंल 2019रू शिक्षक दिवस पर टीचर्स से जुड़ें ये बेहतरीन कार्ड्स और कोट्स करें शेयर


यूट्यूब भी बन गया है गुरू - 68 प्रतिशत वीडियो देखने वाले यूजर कुछ नया सीखने के उद्देश्य से यूट्यूब वीडियो देखते हैं। 10 लाख सबस्क्राइबर वाले एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 35 यूट्यूब चैनलों में 9 चैनल भारत के हैं। 1 लाख सबस्क्राइबर वाले 150 लर्निंग यूट्यूब चैनल सक्रिय हैं भारत में। 
2017 में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में नंबर एक रहे अनुदीप दुरीशेट्टी की सफलता का कारण ऑनलाइन लर्निंग टूल बन गए। हैदराबाद के अनुदीप ने साक्षात्कारों में यह बताया कि उन्होंने डीएनए, जीन, जलवायु विज्ञान शास्त्र जैसे विषय यूट्यूब चैनलों के लैक्चर के माध्यम से तैयार किए।

अभी भारत में 37 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, इस कारण यहां ई-लर्निंग या ई-शिक्षा का बड़ा बाजार उभरा है। केपीएमजी के अध्ययन का दावा है कि 2021 तक भारत में ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र 600 प्रतिशत वृद्धि कर लेगा। 2016 में इस उद्योग में 16 लाख उपयोगकर्ता थे जो अगले दो सालों में बढ़कर 96 लाख हो जाएंगे।

कई शिक्षकों के एजुकेशनल यूट्यूब चैनल व अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के पेजों से वे हर माह हजारों रुपये की कमाई भी करा रहे हैं। यूट्यूब कंपनी वीडियो निर्माता को चैनल पर उपयोगकर्ताओं के समय बिताने के समय के आधार पर रुपया देता है। यह कमाई चैनल पर न्यूनतम दस हजार सबस्क्राइबर होने पर शुरू हो जाती है।


 



 

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