स्पष्ट लक्ष्य स्पष्ट जीवन की ओर ले जाता है

Samachar Jagat | Saturday, 13 Jul 2019 04:19:28 PM
A clear goal leads to clear life

लक्ष्य विहीन व्यक्ति का जीवन डावांडोल होता है, उसका अपना कुछ नहीं होता है, वह तो दूसरों के जीवन पर आधारित होता है। वह देखा देखी करता है, नकल करता है, अंधी होड़ करता है। दूसरों के पीछे चलता है और ऐसे करने से वह मात खाता रहता है, परेशान होता रहता है, भटकता रहता है, जीवन को एक तरह से ढोता रहता है, जीता एक पल भी नहीं है। स्पष्ट लक्ष्य का मतलब होता है-स्पेशिफिक, मेजरेबल, एटेन्टिव, रियलिस्टिक और टाइम बाउण्ड गोल। मान लीजिए आपको मुंबई की यात्रा करनी है तो आपके गांव शहर से मुंबई तक की यात्रा को स्पेशिफिक कहा जाएगा। दूसरा, आपके गांव-शहर से मुंबई के बीच की दूरी को मेजरेबल अर्थात् कुल किलोमीटर कितने हैं किराया, सीट नंबर और पहुंचने का समय एटेन्टिव, रियलिस्टिक और टाइम बाउण्ड गोल के अंतर्गत आता है।

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अब लक्ष्य वाले और बिना लक्ष्य वाले व्यक्ति में अंतर देखिए। बिना लक्ष्य वाला व्यक्ति टिकट खिडक़ी पर जाएगा और तुरंत कहेगा कि मुझे जल्दी से टिकट दीजिए, मुझे देर हो रही है। ऐसे में टिकट बाबू उस पर हंसेगा और कहेगा कि अरे भाई टिकट कहां की दूं, उस जगह का नाम तो बताओ। अब एक ओर व्यक्ति आएगा और टिकट बाबू से कहेगा कि मुझे फिल्मों में काम सीखने जाना है, उस शहर के पास समुद्र भी है और वहां पर वाणिज्य का भी बहुत काम होता है। अब इसमें कुछ संभावना रहती है कि टिकट बाबू सही जगह की टिकट दे भी दे और नहीं भी दे। अब एक तीसरा व्यक्ति आता है और बिना देरी किए, बिना इधर-उधर की बात किया सीधा मुंबई की टिकट मांगता है।

यहां यह ध्यान देने की बात है कि पहले व्यक्ति का लक्ष्य तो बिल्कुल है ही नहीं, दूसरे व्यक्ति को लक्ष्य आधा-अधूरा है और तीसरे व्यक्ति का लक्ष्य एकदम स्पष्ट है। ऐसे में प्रथम व्यक्ति अपनी रोजी-रोटी के लिए ही परेशान रहेगा, वह एक भी पल खुशी, महसूस नहीं कर पाएगा, उसका जीवन इधर-उधर का बनकर रह जाएगा और घुट-घुटकर जीता रहेगा, दिन में हजारों बार मरता रहेगा। दूसरा व्यक्ति भी कभी ठीक करे लेगा, कभी ठीक स्थान पर पहुंच जाएगा, कभी गलत स्थान पर पहुंच जाएगा और वह भी कभी अपने वांछित लक्ष्य पर नहीं पहुंच पाएगा। चूंकि तीसरे व्यक्ति का लक्ष्य सटीक है, स्पष्ट है और सीधा है, ऐसे में वह अपने जीवन में न केवल सफल होगा बल्कि और लोगों को भी सफल करेगा। आइए, अपने जीवन को आगे ले जाने के लिए, कुछ औरों से अलग करने के लिए, कुछ विशेष करने के लिए और बहुत सार्थक करने के लिए अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य बनाए और जीवन में सारी खुशियां पाएं।

प्रेरणा बिन्दु:- 
करना जरूरी है लेकिन करें क्या इससे भी जरूरी है
क्यों करें कैसे करें के बिना भी जिंदगी अधूरी है।



 

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