सर्वश्रेष्ठ करने और देने से सर्वश्रेष्ठ बनना तय है

Samachar Jagat | Thursday, 12 Oct 2017 04:18:08 PM
Best to do and best to give

मानव योनि को सर्वश्रेष्ठ योनि कहा जाता है और वह इसलिए कहा जाता है कि व्यक्ति इस दुनिया में सर्वश्रेष्ठ करने के लिए आता है और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए आता है अब यह अलग बात है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं कर पाए और सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाए। इंसान के मस्तिष्क की क्षमता का अगर आकलन किया जाए तो फिर यह निष्कर्ष निकलकर आते हैं कि इसमें साठ हजार विचार रोज सृजित होते हैं, लेकिन व्यक्ति उनमें से बहुत ही कम ग्रहण कर पाता है, अपने ब्रेंन का केवल तीन से चार प्रतिशत भाग ही उपयोग कर पाता है। 

इसी प्रकार उसकी चलने की दस-पन्द्रह किलोमीटर की क्षमता है, लेकिन वह इसमें भी कंजूसी और दिन भर वाहनों पर टंगा रहता है, हाथों से परिश्रम करने की बहुत क्षमता है, लेकिन इसका भी वह बहुत कम उपयोग कर पाता है, व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता बहुत है, लेकिन इसमें भी वह कंजूसी करता है, वह लंबे और पूरे सांस न लेकर आधे-अधूरे सांस लेकर बस, केवल काम चलाता है। हाथ-पैर, आंख-कान, हृदय, गुर्दे सहित अन्य अंगों की क्षमता डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक स्वस्थ काम करने की होती है, लेकिन व्यक्ति अपने सभी अंगों को बहुत जल्द रुग्ण कर लेता है, खराब कर लेता है, इसका दुष्परिणाम यह होता है कि व्यक्ति चाह कर भी अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं कर सकता है, अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे सकता है।

इसी प्रकार वह ईमानदारी में कटौती कर लेता है, विनम्रता में कटौती कर लेता है, संकल्प शक्ति में कटौती कर लेता है, सृजनशीलता में कमी कर लेता है, अध्ययनशीलता में कमी कर लेता है, इच्छाशक्ति में कमी कर लेता है, सहायता की भावना में कमी कर लेता है, संवेदनाओं में कमी कर लेता है, जुनून-हिम्मत और हौसले में कमी कर लेता है और इन सबका मलब होता है कि उसके इंसानियतपने में खोट आ जाता है, कमी आ जाती है और यही कारण है कि न वह अपना सर्वश्रेष्ठ कर पाता है और न ही वह सर्वश्रेष्ठ दे पाता है। आइए, श्रीप्रभु द्वारा प्रदत्त अपनी समस्त क्षमताओं-योग्यताओं को शत-प्रतिशत सर्वहित में उपयोग करें, सर्वश्रेष्ठ करें, सर्वश्रेष्ठ दें, तभी सर्वश्रेष्ठ इंसान बना जा सकता है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
पथ पर आगे बढ़ता जो
पहले से अच्छा करता जो
खेले जीत की पारी वह
विश्वास स्वयं पर करता जो।

 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2017 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.