केंद्र नक्सलियों पर नकेल कसने मेें जुटा

Samachar Jagat | Wednesday, 09 Aug 2017 10:23:10 AM
केंद्र नक्सलियों पर नकेल कसने मेें जुटा

 केंद्र सरकार ने नक्सलरोधी अभियान के तहत राज्यों में अभियान को धार देने के लिए राज्यों से तय रणनीति पर तेजी से अमल करने को कहा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ विभिन्न राज्यों में नक्सलरोधी अभियान की समीक्षा की। गृहमंत्री ने निर्देश दिए कि संयुक्त कमान की बैठक छह माह में एक बार जरूर होनी चाहिए। नए ज्वाइंट कमांड कंट्रोल सेंटर खोलने की भी मंजूरी दी गई है। गृहमंत्री ने इस बैठक में 8 मई को नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ दिल्ली में हुई बैठक में बनी रणनीति पर क्रियान्वयन का राज्यवार ब्योरा हासिल किया।

 गृहमंत्री को बताया गया कि नक्सल प्र्रभावित छत्तीसगढ़, झारखंड में आक्रामक तरीके से खुफिया सूचनाओं पर आधारित ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। संयुक्त कमान (यूनीफाइड कमांड) की बैठकों में प्रगति हुई है। लेकिन केंद्रीय बलों के साथ एक तिहाई पुलिस बल को शामिल करने पर कुछ राज्यों को दिक्कत हो रही है।  केंद्र राज्यों में समन्वय के लिए तय किया गया था कि नक्सलरोधी ऑपरेशन में केंद्रीय बलों के साथ एक तिहाई राज्य पुलिस बल शामिल होने चाहिए। छत्तीसगढ़ ने इसमें कुछ समस्या बताई है। राज्य का कहना है कि उनके यहां नक्सल समस्या ज्यादा है और इतनी ही संख्या में पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। इसलिए एक तिहाई पुलिस बल ऑपरेशन के दौरान उपलब्ध करा पाना मुश्किल है। गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अधिक से अधिक पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। गृहमंत्री के मुताबिक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित संयुक्त कमान नियंत्रण केंद्र की तर्ज पर गया में भी एक केंद्र गठित किया गया है। झारखंड के चाईबासा में भी इसी तरह का एक केंद्र बनाने की मंजूरी दी गई है।

 पहले झारखंड के पूर्वी सिंहयूम में केंद्र बनाने की योजना थी, लेकिन राज्य सरकार ने कहा कि वे चाईबासा में केंद्र बनाना चाहते हैं। बड़े नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक समर्पित टीम बनाकर अभियान चलाने को कहा गया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक से कहा गया है कि वे अपने ट्राइजंक्शन पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखें। एक ओर जहां केंद्र सरकार नक्सलियों पर नकेले कसने की तैयारी में जुटी है, वहीं नक्सली अपने कमजोर होते गठ को बचाने की कवायद में दक्षिणी राज्यों पर फिर से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तिराहे पर नक्सलियों की ताजा गतिविधियों नजर आने के बाद केंद्र सरकार चौकन्ना हो गई है। खबरें है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड से नक्सली कमांडरों को दक्षिणी राज्यों में भेजा जाएगा ताकि वहां जड़ें जमा सकें।

 खुफिया एजेंसियों ने इन इलाकों में नक्सलियों की सक्रियता की रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसियों को दी है। इसके बाद संबंधित राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों को गृह मंत्रालय की ओर से सतर्क करके एक समन्वित ऑपरेशनल समूह बनाने को कहा गया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह को नक्सलियों की नए इलाकों में पांव पसारने की रणनीति पर पूरी रिपोर्ट दी है। गृहमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेकर नक्सलियों के प्रयास विफल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं छत्तीसगढ़, झारखंड से नक्सली कमांडरों को भेजने की नक्सलियों ने नई रणनीति बनाई है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लगभग एक दशक पहले नक्सलियों ने दक्षिण के इन राज्यों में पैठ बनाने का प्रयास किया था, लेकिन आंध्र प्रदेश जैसी सफलता नक्सलियों को कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में नहीं मिल पाई। दो साल पहले एक और कोशिश नक्सली नेताओं ने की थी, लेकिन ताजा प्रयास ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। 

नक्सली नेताओं की इस इलाके में कई बैठके हुई है। छत्तीसगढ़ और झारखंड से नक्सली कमांडरों को यहां शिफ्ट करके नया आधार बनाने की योजना बनाई है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस ने दो नक्सलियों रामगावड़े और राजेश रावत को गिरफ्तार किया है। दोनों नक्सली छिनारी जनताना सरकार के सदस्य है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि झारा थाना क्षेत्र के छिनारी गांव में नक्सली गतिविधि की सूचना पर क्षेत्र में पुलिस दल को रवाना किया गया था। दल जब गांव पहुंचा तब नक्सली वहां से भागने लगे। बाद में पुलिस दल ने घेराबंदी कर दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 केंद्री गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह शुक्रवार को हुई बैठक में एक बार फिर नक्सलियों की ताजा गतिविधि को लेकर चिंता जाहिर की गई और समय रहते इस रोकने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। सूत्रों ने कहा कि नक्सली नए इलाकों में अपना प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहे हैं। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों पर ध्यान केंद्रीत किया जा रहा है। दक्षिण में सहयाद्रि पर्वतीय रेंज नक्सलियों के लिए पसंदीदा तिराहा है। यह तीनों राज्यों तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक को आसानी से जोड़ता है। नक्सली इन तीनों राज्यों की सीमा पर अपने प्रशिक्षण शिविर और बेसकैंप बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
 

 

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