12वीं कक्षा के अंग्रेजी कोर विषय के प्रश्न-पत्र ढांचे में बदलाव

Samachar Jagat | Thursday, 11 Oct 2018 03:55:36 PM
Changes in question paper structure of 12th standard English core subject

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसआई) ने अगले शैक्षणिक स्तर के 12वीं कक्षा के अंग्रेजी कोर विषय के प्रश्न-पत्र के ढांचे में कई अहम बदलाव किए हैं। पहले जहां छात्रों को 40 प्रश्नों के उत्तर देने पड़ते थे, वहीं अगले साल मार्च में होने वाली परीक्षा में 35 प्रश्न होंगे। हो सकता है कि यह कोई बड़ी रकम नहीं हो, लेकिन निर्धारित समय में 5 प्रश्न कम किए जाने का महत्व यह है कि परीक्षार्थियों को अब बाकी प्रश्नों के उत्तर की गुणवता बेहतर करने के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा। वैसे भी किसी अंश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता का आकलन करने के मामले में ग्यारह-बारह सौ शब्दों के तीन हिस्सों के बजाए नौ सौ शब्दों के दो अंशों की समान उपयोगिता है। 

लेकिन कई बार इसकी जांच के लिए इतने प्रश्न लाद दिए जाते हैं कि वह छात्रों के लिए बोझ बन जाता है। दरअसल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस मसले पर परीक्षा में शामिल विभिन्न पक्षों से राय मंगाई थी। फिर पाठ्यक्रम विशेषज्ञों की बैठक में इस पर विचार-विमर्श के बाद परीक्षा के स्वरूप में बदलाव किया गया है। जाहिर है परीक्षा के नए ढांचे में विद्यार्थियों को निर्धारित वक्त में अंग्रेजी कोर के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और वे बेहतर नतीजे की उम्मीद कर सकेंगे। 

फिलहाल यह नियम अंग्रेजी में लागू होगा। लेकिन अच्छा हो कि बाकी विषयों में भी ऐसे पाठ्यक्रम और प्रश्न पत्र तैयार किए जाएं ताकि कम समय में विद्यार्थियों को बेहतर गुणवता वाली शिक्षा मुहैया कराई जा सके और उनकी पढ़ाई-लिखाई की क्षमता का आकलन हो सके। हालांकि किताबों और पाठ्यक्रमों को बोझ के रूप में बच्चों पर थोपने की शिकायत आमतौर पर निजी स्कूलों को लेकर ही ज्यादा रही है। 

लेकिन कहीं भी शिक्षा और परीक्षा अगर विद्यार्थियों के लिए तनाव का कारण न बने तो गुणवता और नतीजों में स्वाभाविक रूप से बेहतरी दर्ज की जा सकती है। अगर बच्चों में विश्लेषण और आकलन क्षमता की कमजोरी को मुख्य वजह के तौर पर पाठ्यक्रमों के बोझ को भी देखा जाता है तो यह अस्वाभाविक नहीं है। इसलिए सभी शिक्षाविदों ने इस बात की वकालत की है कि स्कूली पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि वे विद्यार्थियों के लिए बोझ न साबित हो।

अगले साल मार्च में होने वाली अंग्रेजी कोर विषय की परीक्षा के प्रश्न-पत्र में 40 के बजाए 35 प्रश्न होंगे
यह कोई बड़ी राहत न हो, किन्तु बाकी प्रश्नों के उत्तर की गुणवता बेहतर करने को ज्यादा समय मिलेगा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस मसले पर परीक्षा में शामिल पक्षों से राय मंगाई थी
पाठ्यक्रम विशेषज्ञों की बैठक में विचार विमर्श के बाद परीक्षा का स्वरूप बदला गया है
फिलहाल यह नियम केवल अंग्रेजी में लागू होगा। बाकी विषयों में भी ऐसे पाठ्यक्रम और प्रश्न-पत्र तैयार किए जाएंगे



 

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