भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन

Samachar Jagat | Tuesday, 08 Jan 2019 02:20:04 PM
Constitution of National Commission for Indian Medical Systems

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएम) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। इसका मकसद मौजूदा नियामक भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के स्थान पर एक नया निकाय गठित करना है। विधेयक के मसौदे में चार स्वायत बोर्डों के साथ एक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आयुर्वेद से जुड़ी समग्र शिक्षा के संचालन की जिम्मेदारी आयुर्वेद बोर्ड और यूनानी सिद्ध एवं सोवा रिग्या से जुड़ी शिक्षा के संचालन की जिम्मेदारी इन प्रणालियों से संबंधित बोर्ड के पास होगी। सरकार की ओर से इस बारे में जारी बयान में कहा गया कि इसके अलावा दो सामान्य या आम बोर्डों में आकलन एवं रेटिंग बोर्ड और आचार नीति एवं भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के चिकित्सकों का पंजीकरण बोर्ड शामिल है।

आकलन एवं रेटिंग बोर्ड भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के शैक्षणिक संस्थानों का आकलन करने के साथ-साथ उन्हें मंजूरी देगा। भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के चिकित्सकों का पंजीकरण बोर्ड भारतीय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अधीन प्रेक्टिस से जुड़े आचार नीति मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय रजिस्टर के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। मसौदे में सामान्य प्रवेश परीक्षा और एक एक्जिट एकजाम का प्रस्ताव भी है। प्रेक्टिस का लाइसेंस हासिल करने के लिए सभी स्नातकों को इसे उत्तीर्ण करना होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) की स्थापना के लिए विधेयक के मसौदे को भी मंजूरी दे दी। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा नियामक संस्था केंद्रीय होम्योपैथी परिषद (सीसीएच) की जगह एक नई संस्था का गठन करेगा।

एक अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) विधेयक 2018 को मसौदा राष्ट्रीय आयोग के गठन का उल्लेख करता है। आयोग के अंतर्गत तीन स्वायत परिषदें द्वारा दी जाने वाली शिक्षा के संचालन की जिम्मेदारी स्वायत परिषदों पर होगी। केंद्र सरकार को इन सब आयोगों और बोर्डों के गठन का उद्देश्य भारतीय चिकित्सा प्रणालियों में सुधार और इन्हें अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर स्थान दिलाना है।



 

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