हार जीत में बदल गई

Samachar Jagat | Monday, 13 Aug 2018 02:46:13 PM
Defeat turned into win

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जीत पुरानी जरूर है लेकिन आज भी प्रासांगिक है। एक बार विख्यात हिब्रु सम्राट का दुश्मन की सेना के साथ युद्ध चल रहा था। प्रधान सेनापति इसका नेतृत्व कर रहा था। दोनों ही तरफ से जोरदार तरीके से प्रहार हो रहे थे। लेकिन हिब्रु सेनापति युद्ध स्थल से लौट आया और उदास-चिन्तामग्न अवस्था में घर पर आकर बैठ गया। अपने पति को इस तरह बैठा हुआ देखकर उसकी पत्नी ने उससे पूछा कि आज तुम पहली बार मुंह लटकाकर इस तरह बैठे हो आखिर बात क्या है? इस पर सेनापति ने कहा कि हमारी सेना पीछे हट रही है, बुरी तरह हार रही है और मुझे लगता है कि हमें भी यहां से जान बचाकर भागना पड़ेगा। 

जब अपने वीर सेनापति से उसकी पत्नी ने इस प्रकार की कायरता पूर्ण बातें सुनी तो उसने कहा कि मुझे तो इससे भी अधिक दिखाई दे रहा है कि परम वीर हिब्रु सेनापति अपना मनोबल तोड़ चुके हैं, उसकी क्षमताएं खत्म हो चुकी हैं और सेना हार रही है या नहीं हार रही लेकिन सेनापति हार चुका है। अपनी पत्नी से ऐसा सुनकर उसका सोया हुआ मनोबल जाग उठा टूटी हुई हिम्मत एकजुट हो गई, हौसला आसमान छूने लगा और साहस उछलने लगा और उसका हृदय बोल उठा कुछ 

इस तरह:-
डरने वाले को लोग डराएंगे
झुकने वाले को लोग झुकाएंगे
हौसले से सफर तय कर नादां
तेरे इरादे से लोग सहम जाएंगे

वह इन्हीं शब्दों के साथ बिजली की गति से पुन: जा पहुंचा युद्ध के मैदान में और पूरी शक्ति के साथ टूट पड़ा अपने विजय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए। जब सेनापति को इस तरह से जोश और हौसले में देखा तो उसकी सेना में भी जोश और हिम्मत की लहर आ गई। जो सेना पीछे जा रही थी, दम तोड़ रही थी और हार स्वीकार करने वाली थी, उसी सेना ने देखते ही देखते ऐसा जोश दिखाया कि दुश्मन की सेना के जमे हुए पैर उखड़ गए। और निश्चित हार निश्चित जीत में बदल गई।
प्रिय युवाओ, जीत-हार के अहम् हिस्से होते हैं, हारना बड़ी बात नहीं है बड़ी बात तो हार को शाश्वत मान लेना है। 

जितनी बड़ी हार और असफलता उतनी ही बड़ी जीत होती है केवल उनकी जो लगातार अपने पथ पर चलते रहते हैं, प्रयासों को नहीं छोड़ते हैं, हिम्मत को नहीं तोड़ते हैं, परिस्थितियों के सामने अपने घुटने नहीं टेकते हैं, दम नहीं तोड़ते हैं, संकटों के सामने झुकते नहीं हैं और चुनौतियों से कभी घबराते नहीं है। दुख है तो सुख भी आएगा, समस्या है तो उसका समाधान भी आपके पास ही होगा। इसलिए कभी भी किसी भी संकट में अपने आपको तोड़ मत लेना, अपने आपको निराशा में डूबो मत लेना, पस्त मत मान लेना। हमेशा याद रखना गहन अंधेरे के बाद उज्ज्वल सवेरा अवश्य आता है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
हर मोड़ पर एक
पैगाम छोड़ता हूं
सुबह के भटके को
शाम को जोड़ता हूं
गीली इस रेत पर
मिटने से पहले दोस्तो
छोटी सी अपनी एक
पहचान छोड़ता हूं।
 

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