अच्छे कामों को पहले करें जल्दी करें, कभी रह न जाएं

Samachar Jagat | Saturday, 18 May 2019 02:52:11 PM
Do good things first, do not let go

जिंदगी बहुत छोटी है, अनिश्चित है लेकिन है बहुत सार्थक है, बहुत मधुर है, बहुत कुछ करने के लिए और है बहुत अच्छा करने के लिए, जल्दी करने के लिए, आज करने के लिए-अब करने के लिए। ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि मृत्यु ने जो आज तक जो कुछ किया है या आज तक जो कुछ इतिहास है उससे तो यही साबित हो रहा है कि मृत्यु ने कभी दिन नहीं देखा, रात नहीं देखी, जाति नहीं देखी, धर्म नहीं देखा, गरीबी-अमीरी नहीं देखी और बच्चा-जवान-बूढ़ा भी नहीं देखा। उसकी जब इच्छा हुई वह आ धमकी है और ले जाती है अपने साथ बड़ी ही निरंकुशता से। मृत्यु यह भी नहीं देखती है कि इस समय इसकी शादी हो रही है, इस समय यह नृत्य कर रहा है, इस समय यह नींद ले रहा है और इस समय यह अपने परिजनों के बीच में है। मृत्यु यह भी नहीं देखती है कि अब तक इसका काम अधूरा है, इसे पूरा करने दूं।

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इन सब बातों का एक ही सार निकल कर आ रहा है कि अपनी यह प्यारी सी जिंदगी बहुत छोटी है और छोटी उनके लिए है जो हमेशा सद्कर्म करते रहते हैं, हमेशा अच्छे काम करते रहते हैं, अच्छे कामों को जल्दी-जल्दी पूरा करते रहते हैं, वे कल पर कोई काम नहीं छोड़ना चाहते हैं, वे आज ही अपने सारे काम करना चाहते हैं, अपने जीवन का उद्देश्य पूरा करना चाहते हैं, उन्हें मृत्यु से मतलब नहीं है, उन्हें मृत्यु को भय नहीं लगता है, वे निश्चित होकर काम करते हैं, उनके सामने जीवन का एक बड़ा उद्देश्य होता है, बारह महीनों का एक उद्देश्य होता है, हर महीने का एक उद्देश्य होता है, हर सप्ताह का कोई लक्ष्य होता है, हर दिन का अपना लक्ष्य रखते हैं और हर घंटे का एक लक्ष्य रखते हैं अर्थात् ऐसे लोग अपने जीवन के बड़े उद्देश्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लेते हैं ताकि वह छोटा हो जाए, सरल हो जाए, अच्छे से किया जा सके, समय से किया जा सके और सर्वहित के लिए किया जा सके। 

इसलिए यदि आपका मन कर रहा है कि मैं मेरे अच्छे काम को बाद में कर लूंगा, कल कर लूंगा, समय आने पर कर लूंगा, तो इस धारणा को आज-अभी बदल लिजिए क्योंकि यह कतई जरूरी नहीं है कि कल आए ही। हमेशा आज में सोचें, आज में रहें, आज में करें, जल्दी और समय की नजाकत समझते हुए करें। व्यक्ति का यह स्वभाव होता है कि वह काम करने को टालता है और इसी टालने के चक्कर में वह टल जाता है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
कल कभी आया नहीं
सुन रे मेरे मीत
अच्छा आज अभी कर ले
कल बची रहेगी प्रीत।



 

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