अपने लिए ही नहीं देश के लिए भी करें

Samachar Jagat | Tuesday, 08 Jan 2019 02:21:11 PM
Do not even for your country

परिवार सिमट रहे हैं, समाज सिमट रहे है और यौं कहें कि पूरी दुनिया ही एक कोने में सिमट रही है। इसके लिए विज्ञान का शिखर पर होना या पश्चिमी संस्कृति का फैलना या फिर अंधी दौड़ का होना हो सकता है। लेकिन सच्चाई और अच्छाई सिमटने में नहीं है, फैलने में है, विस्तार में है, विकास में है, ज्ञान में है, सद्कर्म में है और धर्म में हैं। ऐसे में जब बच्चा किसी घर में जन्म लेता है तो उस घर में जो परम्परायें, रूढि़यां, अंधविश्वास, विचार धारा, जीवन शैली, संस्कार संस्कृति, परिवार की प्रकृति, शैक्षिक माहौल, सामाजिक माहोल, पारिवारिक माहौल, पूजा विधियां, मान्यताएं, कार्य की दशाएं और अन्य चीजें उस बच्चे के इर्द गिर्द, मन मस्तिष्क में पुरजोर बैठाने के प्रयास शुरू हो जाते है प्रत्येक बच्चा परिवार के अनुसार पोषित होता है, पलता है, बढ़ता है, और बनता है जेसा परिवार चाहता है। अधिकतर यह देखा जाता है कि बच्चे की परवरिश में पारिवारिक हित पूर्ति, व्यक्तिगत हित पूर्ति और इनमें भी स्वार्थ पूर्ति का बोलबाला होता है।

ऐसे में देश बहुत पीछे छूट जाता है। देश की बाते किसी की जबान पर नहीं आती है। देश का महत्व बहुत पीछे हो जाता है। देश की शानदार कहानियां, शानदार कामयाबियां भी किसी के इर्द गिर्द नही ंआ पाती हैं।  इसका सीधा सा तात्पर्य यही हुआ कि उसमें स्वार्थ कूट कूट कर जन्म से ही भर दिया जायेगा, लोभ प्रतिशोध जन्म से ही पनपा दिया जायेगा, संकीर्णताएं शुरू से विकसित कर दी जायेगी, व्यक्तिगत जीवन शुरू से ही तय कर दिया जायेगा, उसे अपने तक सीमित कर दिया जायेगा, उसे केवल अपने और परिवार के स्वार्थ को साधने के लिए बना दिया जायेगा और यही कारण है कि आज देश के प्रति वफादारी और जिम्मेदारी में तेजी से कमी आरही है और खराब बात ही नहीं बहुत खतरनाक बात भी है।

आइए, हम अपने कर्म में, मन में, वचन में और जहन में देश को रचायें बसाये और देश को आगे बढ़ाये, क्योंकि यह अच्छे से याद रखना कि यदि देश आगे बढ़ेगा तो ही समाज आगे बढ़ेगा और समाज आगे बढ़ेगा तो परिवार आगे बढ़ेगा और परिवार आगे बढ़ेगा तो व्यक्ति आगे बढ़ेगा। हम देश से उतना ही प्रेम करें जितना स्वयं से करते हैं।

प्रेरणा बिन्दु:- 
जहां गांधी तिलक टैगोर अशोक महान रहते है उस भारत मां के लाल को हिन्दुस्तान कहते हैं।



 

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