तीनों सेनाओं में महिला अफसरों को स्थायी कमीशन

Samachar Jagat | Monday, 11 Mar 2019 01:27:47 PM
Female officers in the three services have permanent commission

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रक्षा मंत्रालय ने एक अहम फैसला लेकर तीनों सेनाओं को सभी शाखाओं में महिला अफसरों को स्थायी कमीशन देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते साल स्वाधीनता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से इसकी घोषणा की थी। अब जब सरकार का कार्यकाल खत्म होने को है, रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले को क्रियान्वित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री की घोषणा को क्रियान्वित किया जा रहा है। मंंत्रालय के अनुसार वायुसेना में हर ब्रांच में महिला अफसरों को स्थायी कमीशन मिल रहा है। लड़ाकू पायलट ब्रांच शामिल की जा चुकी है। नौसेना में वे शाखाएं महिला अफसरों को स्थायी कमीशन के लिए खोली जा चुकी है, जिनमें समुद्र में तैनाती नहीं होती।


कानून, शिक्षा, नौसेना निर्माण शाखा। कैडर में स्थायी कमीशन दिया जाता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अब थल सेना में शार्ट सर्विस के जरिए नियुक्त होने वाली महिला अफसरों को सेना की सभी 10 ब्रांचों में स्थायी कमीशन दिया जाएगा। सेना में अभी सिर्फ दो शाखाओं जज एडवोकेट जनरल (जीएगी) तथा सेना शिक्षा कोर में ही महिला अफसरों को स्थायी कमीशन दिया जाता है। अब सिग्नल, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रानिक्स एंड मैकोनिकल इंजीनियर्स, आर्मी सर्विस कार्य, आर्मी आर्डिनेंस कार्य तथा आर्मी इंटेलीजेंस में भी स्थायी कमीशन का अवसर दिया जाएगा। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद महिला अफसरों अपनी रुचि के अनुरूप शाखा में स्थायी कमीशन के लिए विकल्प दिया जाएगा। 

मंत्रालय ने कहा है कि तीन नए प्रशिक्षण पोत जल्दी ही नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। इनमें पुरुषों के साथ-साथ महिला अफसरों के प्रशिक्षण की भी सुविधाएं रहेंगी। इस सुविधा के शुरू होने से समुद्री शाखा में भी महिला अफसरों को स्थायी कमीशन देने की राह खुल जाएगी। यहां यह बता दें कि इस समय तीनों सेनाओं में करीब 3700 महिला अधिकारी है। इनमें 1561 सेना में, 1594 एयरफोर्स में तथा नौसेना में 644 अधिकारी है, लेकिन ज्यादातर शाखाओं में स्थायी कमीशन की सुविधा नहीं है। 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत होना पड़ता है। इस कारण इस मुद्दे पर महिला अधिकारी अदालत में भी जा चुकी है।

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