आतंकवाद से मिलकर लड़ें

Samachar Jagat | Friday, 12 Jul 2019 09:53:14 AM
Fight terrorism

एक लडक़ा था जिसकी परवरिश पर उसके माता पिता ने बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया। उसका चरित्र पर विपरीत प्रभाव पड़ा। लडक़े की उम्र बढ़ने के साथ साथ उसकी गलत हरकते भी तेजी से बढने लगी। वह गंदे शब्दों का प्रयोग करने लगा। उसकी संगत आवारा लडक़ों से हो गई। वह अपनी क्लास से भागने लगो। पान मसाला जर्दा चबाने लगा। बीड़ी सिगरेट पीने लगा हर किसी से गलत हरकतें करने लगा, गंदी भाषा बोलने और यहां तक कि अपनी उम्र के निर्दोष लडक़े लड़कियों से मारपीट करने लगा। जब उसके माता पिता के पास उसकी शिकायते आती तो वे अपने ही बच्चे का पक्ष लेते और कहते कि हमारा बेटा ऐसा नहीं है वह तो सीधा सादा है। 

हालांकि वे जानते थे कि बेटा बहुत शैतान है गलत काम करता है और उन्हें खुद को भी चोट पहुंचा सकता है लेकिन वे अपने शैतान बेटे से अंदर ही अंदर डरते थे और इस डर के मारे वे अपने बेटे को उसकी इच्छानुसार सभी सुविधाऐं देते थे वह रईस मां बाप के बेटे की तरह रहता था जबकि उसके मां बाप दोनों मेहनत मजदूरी करते थे और जो मजदूरी मिलती थी वह बेटा ही अपने पर खर्च कर लेता था माता पिता दाने दाने को मोहताज हो गये। एक दिन उस लडक़े ने अपने ही माता पिता को लहूलुहान कर दिया। उनकी स्थिति बड़ी दयनीय थी वे पुकार रहे थे इस शैतान को मारो वरना ये हमें जान से मार देगा। 

मोहल्ले वाले उनकी दयनीय हालत पर दुख तो जता रहे थे लेकिन साथ में कह रहे थे कि पहले तो अपने बेटे को सिर पर चढ़ा लिया और अब रो रहे हैं लेकिन मोहल्ले वालों ने बयानबाजी नहीं की उस शैतान पर सीधी कार्यवाही की अच्छी पिटाई की और पुलिस के सुपुर्द कर दिया और पुलिस ने उस शैतान पर अनेको धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर जेल की कोली में पहुंचा दिया। पूरे मोहल्ले में अमन हो गया। सर्व प्रथम सम्पूर्ण हिन्दुस्तान की तरफ से उन मासूमो को फरिश्तों को महकते पुष्पो को दीयों को घर की किलकारियों को धडक़ते दिलों को और घर के प्यार सार और खुशियों के संसार को श्रद्धाजंलि शोकांजलि संवेदांजलि।

इस समय पाकिस्तान के साथ पूरी दुनिया एक साथ खड़ी दिखाई देती है साथ देने की बाते हो रही है आतंकवाद से लड़ने की बाते हो रही है साहनुभूति की बाते हो रही है मदद की बाते हो रही है फोन पर बाते हो रही है राजदूतों के माध्यम से बाते हो रही है बाते बाते बस आतंकवाद को मिटाने की बाते हो रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पड़ौसी ने कांटे वाले बीजों को न केवल बोया, बल्कि संरक्षण और अच्छा परवरिश भी की लेकिन ये कांटे अब केवल उसे ही नहीं चुभ रहे है बल्कि पूरी दुनिया को चुभ रहे है तार तार कर रहे है अब सख्त जरूरत है पूरी दुनिया को एक मंच पर आकर मुंठीभर दहशतगर्दियों को तकत से मिटाने की क्योंकि उनकी कोई जाति धर्म भाषा नहीं होती है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
सभी अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों को मिलकर एक साथ सभी देशों को तैयार कर आतंकवाद के खिलाफ सीधा युद्ध करने का वक्त तो आ चुका है और वक्त की अनदेखी सब कुछ दिखा देती हैं।



 

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