सफलता तक अपने लक्ष्य पर फोकस करें

Samachar Jagat | Monday, 01 Jul 2019 03:50:28 PM
Focus on your goal till success

बहुत से लोग कहते हैं कि सफलता दौड़े-दौड़े आती है, चरणों में प्रणाम करती है, बशर्ते अपने लक्ष्य पर फोकस किया जाए, उसका तहेदिल से पीछा किया जाए और उसकी प्राप्ति तक लगातार प्रयास किए जाएं। किस तरह से व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं और सफलता से दूर चले जाते हैं इसको इंगित करती एक कहानी- एक बार एक युवक हजारों संशयों के साथ जी रहा था अर्थात् उसमें सब कुछ था, बस विश्वास नहीं था और इसी के कारण वह किस्मत को बलवान मानने लगा, अपनी छोटी सी नाकामयाबी को भी किस्मत के हवाले कर देता और इस किस्मत ने उसे अनेक देवी-देवताओं, संत-महात्माओं-पीर-मौलवियों तक जाने का रास्ता बता दिया। अब यह उसकी आदत में शुमार हो चुका था।
 

जब भी वह किसी काम की शुरुआत करता और जब तक आगे बढ़ता रहता, जब तक कि कोई कठिनाई नहीं आती, कठिनाई आते ही वह किसी के बताए हुए श्रद्धा स्थल पर चले जाता, वहां पर काम न बनता देख वह दूसरे के बताए हुए किसी अन्य श्रद्धा स्थल पर चला जाता, लेकिन वह कहीं पर सफल नहीं हुआ। किसी ने उसे बताया कि किसी आश्रम में एक महात्मा जी हैं, उनसे अपनी समस्याओं के बारे में चर्चा करें।

वह युवक दौड़ा-दौड़ा उस महात्मा के पास गया और उनसे अपने दिल की बात बतलाई कि मैं अपनी सफलता पाने के लिए हजारों जगहों पर जा चुका हैं, लेकिन बावजूद इसके मुझे कोई सफलता नहीं मिली, मुझे सफलता का रहस्य बतलाइए। उसी समय उस महात्मा के पास एक किसान आया और महात्मा जी ने कहा- महाराज! इसकी समस्याओं का समाधान तो बाद में बता देना क्योंकि इसके पास समय है जबकि मैं तो अपने बैलों को हल में जुते हुए छोडक़र आया हूं। महाराज ने कहा कि बतलाइए आपकी क्या समस्या है? किसान महात्मा जी से कहने लगा कि मेरे खेत में कुआं नहीं था, मुझे पानी की सख्त आवश्यकता थी। मैंने कुआं खोदने के लिए एक जगह गड्ढा किया, उसमें पानी नहीं आया, फिर दूसरी जगह गड्ढा किया उसमें भी पानी नहीं आया, फिर तीसरी जगह, चौथी जगह और ऐसे करते-करते मैंने पूरे खेत में गड्ढे खोद डाले, लेकिन पानी किसी में नहीं आया। ये सब सुनकर महात्मा जी ने किसान से कहा कि बेटे कुआं खोदने के लिए उसमें पानी निकालने के लिए एक ही गड्ढा को खोदते जाना था, खोदते जाना था, खोदते जाना जरूर पानी आता और तुम ऐसा करके देख सकते हो। वह युवक भी यह सब सुन रहा था, वही खुशी से चिल्लाया-मेरी भी समस्या का समाधान हो गया।

प्रेरणा बिन्दु:- 
कब तक निभाए साथ ये संसार तेरा
छोड़ देगा साथ भी परिवार तेरा
जान ले और मान ले तू इंसा की सच्चाई को
मंजिलों को जीतना ही सार तेरा।



 

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