ओला-उबर की तर्ज पर सरकारी एंबुलेंस

Samachar Jagat | Wednesday, 13 Sep 2017 01:18:25 PM
ओला-उबर की तर्ज पर सरकारी एंबुलेंस

ओला-उबर की तर्ज पर सरकारी एंबुलेंस मदद के लिए पहुंचेगी। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में कॉल आधारित एंबुलेंस सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। अगले महीने राजस्थान में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसके बाद इसे अन्य राज्यों में लागू कराया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह एंबुलेंस सेवा एप आधारित, टैक्सियों की तरह जीपीएस आधारित सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क पर कार्य करेगी। फर्क सिर्फ इतना ही है कि इसमें एप से नहीं, बल्कि फोन कॉल से एंबुलेंस पहुंचेगी। जैसे ही कोई व्यक्ति एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल करेगा तो यह कॉल नियंत्रण कक्ष के साथ नजदीक से गुजर रही एंबुलेंस के पास भी जाएगी। 

तय निर्देशों के तहत संबंधित एंबुलेंस सीधे फोन करने वाले से संपर्क करेगी। मंत्रालय के अनुसार इस सेवा को शुरू करने के गुगल और दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों से आखिरी दौर की बातचीत चल रही है। यहां यह बता दें कि अभी जब कोई एंबुलेंस के लिए फोन करता तो वह नियंत्रण कक्ष को जाता है, जहां से एंबुलेंस को भेजा जाता है। इसमें एंबुलेंस के पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। नई व्यवस्था से शहरों एवं आसपास के इलाकों एंबुलेंस सेवाएं बेहतर हो सकेंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राजमार्गों पर एंबुलेंस तैनात की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अभी 23 हजार एंबुलेंस चल रही है। 

इसके अलावा समाजसेवी संस्थानों की एंबुलेंस अलग से है। वे भी इस नेटवर्क से जुड़ सकेगी। हालांकि निजी एंबुलेंस को अभी इस सेवा से जोड़ने की योजना नहीं है। लेकिन सरकार का मानना है कि जहां एंबुलेंस की कमी होगी, वहां राज्यों को निजी एंबुलेंस को भी शामिल करना चाहिए, लेकिन ऐसी स्थिति में भुगतान सरकार को ही करना होगा। आम लोगों के लिए एंबुलेंस सेवाएं मुफ्त होगी। यहां यह बता दें कि ताजा अनुमान के अनुसार इस समय देश की कुल आबादी 134 करोड़ है। इसके अनुसार देश में 50 हजार से एक लाख लोगों पर एक एंबुलेंस की उपलब्धता है। 

देश में गंभीर बीमारी से जूझ रहे 51 फीसदी मरीजों का एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलती। इस समय देश के 21 राज्यों में 108 आपातकाल नबंर पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होती है। यहां यह भी बता दें कि वर्ष 2016 में बैंगलुरु की एक कंपनी एविएटर एयर रेस्क्यू ने देश में पहली बार हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा लांच की। इसी साल मध्य रेलवे ने भारत की पहली वातानुकूलित रेल एंबुलेंस की शुरुआत की। 2016 में ही कर्नाटक सरकार ने देश की पहली बाइक एंबुलेंस सेवा की घोषणा की। इन्हें बैंगलुरु के भीड़ वाले इलाकों में तैनात किया गया। यह अच्छी बात है कि केंद्र ने स्वास्थ्य सेवाओं सुधार की ओर कदम बढ़ाया है।

 

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