जयपुर परकोटा विश्व धरोहर सूची में शामिल

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Jul 2019 04:21:07 PM
Jaipur Parakota is included in World Heritage List

भारत के पेरिस और गुलाबी नगर नाम से विश्व विख्यात जयपुर परकोटा को विश्व विरासत में शामिल किया गया है। अपनी उच्च कोटि की स्थापत्य कला और जीवंत संस्कृति के लिए पहले विख्यात जयपुर परकोटा को शनिवार को यूनेस्को ने ‘विश्व धरोहर स्थल’ का दर्जा प्रदान किया है। यूनेस्को ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया कि राजस्थान का जयपुर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित, भारत शाबास’’ यूनेस्को का कहना है कि जयपुर उन 7 सांस्कृतिक स्थलों मेें एक है, जिन्हें अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित वल्र्ड हैरिटेज कमेटी के 43वें सम्मेलन में विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया है।

जयपुर को यह दर्जा चारदीवारी के भीतर स्थित पुराने शहर के परीक्षण के आधार पर मिला है। सम्मेलन में इसको लेकर 60 मिनट तक चर्चा चली, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधियों ने विचार रखे। 21 में से 16 देशों ने इसका समर्थन किया। सबसे पहले ब्राजील ने परकोटा को विश्व विरासत में शामिल करने का कहा। इसके बाद इंडोनेशिया, तंजानिया, युगांडा, कुवैत, तस्मानिया, किर्गिस्तान, क्यूबा, जिम्बाबे सहित अन्य देशों ने भारत के पक्ष में वोट किया। नार्वे, हंगरी, स्पेन और आस्ट्रेलिया ने वोट नहीं किया। 

यहां यह बता दें कि सितंबर 2018 में यूनेस्को की संस्था इकोमास के सदस्यों ने दौरा किया था। पिछले 5 दिनों से अधिकारियों ने 21 देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चारदीवारी की खूबियों के बारे में बताकर अपने पक्ष में माहौल बनाया था। यहां यह भी बता दें कि देश में अहमदाबाद के बाद जयपुर दूसरा शहर है जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। जयपुर परकोटे को विश्व धरोहर में शामिल किए जाने से विश्व पर्यटन मानचित्र पर जयपुर की पहचान और बढ़ेगी। ऐसे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा जो केवल यूनेस्को हेरिटेज साइट घूमना पसंद करते हैं। इससे व्यापार बढ़ेगा और परंपरागत कला को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटक सीजन में प्रतिदिन 50 हजार सैलानी गुलाबी नगर आते हैं। अब यह संख्या डेढ़ गुना होने का अनुमान है। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। पर्यटन विभाग लंबे समय से विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने प्रयास कर रहा था। ज्योतिष की अंक प्रणाली में 9 का अंक सबसे बड़ा है। 9 को कितने ही अंकों से गुणा करें तो 9 अंक ही आएगा। जैसे 9 को 2 से गुणा करने पर 18 होता है। इसमें 1+8 = 9 होता है। 9 को 9 से गुणा करने पर 81 अर्थात् 8+1= 9 होता है। वास्तु एवं ज्योतिष के हिसाब से ही ब्रह्माण्ड के 9 ग्रहों के आधार पर जयपुर 9 वर्ग मील में बसा है। जयपुर का स्थापना दिवस भी 18 नवंबर का है। उसका जोड़ भी 9 ही आता है। इसकी सडक़ों की चौड़ाई, चौड़ाइया आदि सभी के 9 अंक बनते हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में कुल स्थान है, जो विश्व धरोहर की सूची में है।

 इनमें से 38 भारत के हैं। इनमें राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, जयपुर का जंतरमंतर, राजस्थान के पहाड़ी किले पहले ही विश्व धरोहर की सूची में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जयपुर को विश्व धरोहर का दर्जा दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि जयपुर संस्कृति व शौर्य से जुड़ा शहर है। मनोहर और ऊर्जावान खुशी है कि यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिन्हित किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस पर खुशी जाहिर की है और ट्वीट किया कि यह हमारे लिए महान गौरव का विषय है कि गुलाबी नगर जयपुर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। इससे राजस्थान की राजधानी की शान और बढ़ेगी। 

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा जयपुर का नाम विश्व के नक्शे में विश्व धरोहर स्थल के रूप में दर्ज हुआ है। यह ना केवल हमारे लिए प्रतिष्ठा का विषय है बल्कि इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। यहां यह बता दें कि किसी शहर को यह दर्जा मिलने से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। रोजगार मिलता है। इस सूची में 167 देशों के 1092 विरासत है। भारत की कुल 38 धरोहर शामिल है।



 

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