पाक को नहीं मिलेगा सस्ता सामान

Samachar Jagat | Thursday, 21 Feb 2019 05:42:25 PM
Pakistan will not get cheap goods

पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन या सर्वाधिक तरजीही देश) का दर्जा खत्म होने से वह भारत से सस्ते दामों पर सामान नहीं मंगा सकेगा। भारत उसके सामान पर भारी आयात शुल्क लगा सकेगा और उसके आयात के कोटे को न्यूनतम भी कर सकेगा। पाकिस्तान की भारत के खुले बाजार मेें पहुंच खत्म हो जाएगी। दरअसल पिछले एक दशक में संकट के वक्त पाकिस्तान ने भारत से आलू, प्याज, टमाटर, चीनी और चावल जैसे तमाम उत्पादों को आयात किया है। बाधा बार्डर के जरिए पाकिस्तान को यह सामान काफी सस्ता पड़ा था। नीति आयोग  के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि पाक से एमएफएन का दर्जा छीनने से उसकी अर्थव्यवस्थाएं को तगड़ा झटका लगेगा। यह पहले ही लड़खड़ा रही है। भारत की पाकिस्तान के बाजार पर निर्भरता नहीं है और आसानी से वह मध्य पूर्व देशों का रुख कर सकता है। 

यहां यह बता दें कि एमएफएन का दर्जा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सामान्य शुल्क एवं व्यापार समझौते के तहत दिया जाने वाला एक व्यापारिक दर्जा है। सुरक्षा संबंधी विवाद पनपने की सूरत में दर्जा देने वाले देश को इसे वापस लेने का अधिकार होता है। एमएफएन एक गारंटी है कि दर्जा देने वाला देश ‘दर्जा प्राप्त’ मुल्क से व्यापार में भेदभाव नहीं करेगा। वह उसे अन्य दर्जा प्राप्त साझेदारों को साझेदारों को दी जाने वाली सर्वश्रेष्ठ व्यापारिक शर्तों और रियायतों का लाभ देगा। भारत पाकिस्तान से फल, सीमेंट, चमड़ा, केमिकल और मसालों का आयात करता है। जबकि लोहा, स्टील, सब्जियां, कपास, डाई आदि का निर्यात करता है। भारत ने 1996 में पाकिस्तान को सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र को दर्जा दिया था। नवंबर 2011 में पाक कैबिनेट ने भारत को एमएफएन दर्जे की मंजूरी दी, बाद में मुकरा। 18 सितंबर 2016 को उरी हमले के बाद पाक के एमएफएन दर्जे की भारत ने समीक्षा की। यहां यह भी बता दें कि पाक ने भारत की 1209 वस्तु को नकारात्मक सूची में डाल रखा है।

 पाकिस्तान भारत से 137 उत्पादों के ही निर्यात की मंजूरी देता है। भारत-पाक में 2017-18 में 2.61 अरब डालर का द्विपक्षीय कारोबार हुआ, जो भारत के द्विपक्षीय व्यापार का 0.40 फीसदी है। पाकिस्तान संकट के समय भारत के समक्ष हाथ फैलाता रहा है। फरवरी 2012 में पाक ने पहली बार भारत से चावल आयात किया। 2500 टन की पहली खेप 17 फरवरी को भेजी। भारत ने 2010-16 जुलाई 6 साल में पाक से 87 लाख टन नमक का आयात किया। भारत ने पाकिस्तान को करीब 50 लाख टन सादा नमक का निर्यात किया था। 2016-17 अक्टूबर में दो लाख टन टमाटर हर साल गुजरात से पाक को निर्यात होता है। 2017 में इस पर पाबंदी लगी। इसके अलावा जुलाई 2014 में दो हजार टन आलू का भारत से रोजाना निर्यात हुआ पाक को। पाकिस्तान में आलू के दाम 40-50 रुपए प्रति किलो होने के बाद यह निर्यात किया गया। 

भारत और पाक का व्यापार भारत के कुल व्यापार का 0.40 फीसदी ही है। पाक भारत के 10 प्रतिशत उत्पादों के आयात को मंजूरी देता है। जबकि भारत-पाक के 99 फीसदी उत्पादों पर रोक नहीं लगाता है। 2017-18 में पाक को 1.9 अरब डालर का निर्यात किया गया। पाक से आयात 50 डालर का था। इस पाबंदी से भारत को कोई नुकसान नहीं होगा। उल्टे पाक ही कई उत्पादों का मोहताज रहेगा।



 

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