श्रीकृष्ण हमेशा वर्तमान रहेंगे

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Jul 2019 04:25:05 PM
Sri Krishna will always be present

पांच हजार से भी अधिक वर्ष व्यतीत हो गए हैं श्रीकृष्ण काल को लेकिन यह एक आश्चर्य ही कहा जाएगा कि उनकी प्रासंगिकता समय के साथ बढ़ रही है। ज्यौं-ज्यौं समय बढ़ रहा है उनका जीवन दर्शन और अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है। मानव जीवन को बनाने वाली इतनी सारी विशेषताएं श्रीकृष्ण के अतिरिक्त और कहीं मिलना मुश्किल हैं। वे एक तरफ महान शिक्षक हैं तो दूसरी तरफ कर्तव्य और निष्ठा-समर्पण से भरे हुए आज्ञाकारी हैं, एक तरफ वे महान राजा हैं तो दूसरी तरफ वे अपने गरीब सखा की पीड़ा को-गरीबी को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और उनको भी राजा बना देते है। 

एक तरफ वे मैनेजमेंट गुरु हैं तो दूसरी तरफ वे अपने गुरुजी संदीपन ऋषि से विषम परिस्थितियों में जीवन को और उत्कृष्ट कैसे बनाया जाए, इस पर भी पूर्ण निष्ठा के साथ सीखते हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हो, कभी खुश रहना, प्रसन्न रहना नहीं छोड़ें, मुस्कराते रहें और यह गुण सबसे बड़ा गुण माना जाता है। वे हमेशा मुस्कारते रहते थे, उनमें गजब का धैर्य था, वे कभी भी विचलित नहीं होते, वे कहते थे कि जब मैं सत्य मार्ग पर हूं तो मुझे विचलित होने की जरूरत ही क्या है? लगातार राक्षसों से निपटते रहना और विशाल कौरव सेना के सामने भी सीना तानकर खड़े रहना केवल श्रीकृष्ण के ही बस की बात थी।

श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी देन श्रीमद् भागवत है जिसने न केवल अर्जुन को सत्य-पथ की ओर ले गई अपित आज के भटके हुए युवाओं, लोगों और हजारों शंकाओं से घिरे हुए व्यक्तियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उनका कर्म योग का संयोग सर्वकाल सर्वत्र और सभी के लिए जीवन घूंटी का काम करेगा। उनका भक्ति योग, निसकाम प्रेम योग, बुद्धि योग आज के व्यक्ति को न केवल जीवन देता है बल्कि कैसे जीएं अर्थात् जीना सीखाता है करना सीखाता है और मरना सीखाता है। 

उनके सम्पूर्ण जीवन चरित्र में कहीं पर तनाव में घिरा हुआ नहीं देखा जाता है, ऐसे में आज हर व्यक्ति के मन-मस्तिष्क में तनाव भरा पड़ा है, उससे दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। यदि उनका सम्पूर्ण जीवन चरित्र देख जाए तो वे एक साथ एक महान शिक्षक, महान मित्र, महान लिडर, शांतिदूत, धैर्यवान, हंसते खिलते तनाव रहित, प्रकृति प्रेमी, महान शिष्य और महान शासक दिखाई देते हैं। आइए, श्रीकृष्ण हमेशा हमारे साथ हैं, उनके गुणों को आत्मसाक्षात् कर उस अनमोल जीवन को सार्थक बनाएं और घर-परिवार-समाज और देश को कुछ तो दें, जिससे हमारा जीवन भी सबके लिए प्रेरणा की मिशाल बने।

प्रेरणा बिन्दु:- 
भरोसा रख अपने पर तू, श्रीकृष्ण तेरे साथ होंगे
कर्म की राहों पर चल तू, तेरे सर पर उनके हाथ होंगे।



 

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