इस बार साढ़े छह लाख कृष्ण और नौ लाख अर्जुन चुनेंगे सरकार

Samachar Jagat | Tuesday, 23 Apr 2019 04:37:02 PM
 This time six and six lakh Krishna and nine lakh Arjun will choose the government

लोकसभा चुनाव का रंग फिजा पर तारी है। गांव की चौपाल से लेकर शहरों की ऊंची अटारियों तक सियासी नफे-नुकसान पर बहस जारी है। इस चुनावी महाभारत में मुमकिन है मतदान की कतार में शकुनि, शिखंडी, गांधारी और पूतना भी आपके आसपास नजर आ जाए। इतना ही नहीं धृतराष्ट्र, दुर्याेधन, दुशासन और घटोत्कच भी वोट डालने पहुंचेंगे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार महाभारत के पात्रों के नाम वाले मतदाता लाखों की संख्या में है। इसके अनुसार 6.44 लाख कृष्ण अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान करेंगे तो करीब 30 लाख गीता भी मतदान के दिन घरों से निकलेगी।

शांतनु, भीष्म, विचित्रवीर्य के साथ धृतराष्ट्र और पांडु पर भी सरकार चुनने की अहम जिम्मेदारी है। महाभारत का हस्तिनापुर में आंखों देखा हाल सुनाने वाले संजय के हमनाम 26 लाख से ज्यादा है तो 75 धृतराष्ट्र भी इस सूची में दर्ज है। यूं तो गांधारी, दुर्याेधन और दुशासन सरीखे पात्रों के अलावा जयद्रथ और अश्वत्थामा के नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। इनके साथ विदुर और कर्ण भी ईवीएम का बटन दबाने पहुंचेंगे। 

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लेकिन संख्या के मामले में पांडवों का कुनबा इस पर भारी है। युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव के साथ कुंती और द्रोपदी भी मतदाता है। महाभारत के रचयिता वेद व्यास की तादाद 1685 है तो 265 महाभारत भी है। देश भर की मतदाता सूची में 326 शकुनी तो 41 शिखंडी भी है। गांधारी की संख्या हजार से ज्यादा है। उत्तरप्रदेश के अंबेडकर नगर क्षेत्र के घटोत्कच भीम के पुत्र हैं तो वहीं घोसी लोकसभा क्षेत्र के भीष्म के पिता शांतनु है। सबसे युवा 18 वर्षीय धृतराष्ट्र पश्चिम बंगाल के मंडला जिले के रहने वाले हैं। महाभारत में कृष्ण और मथुरा का जिक्र लाजिमी है। इस समय मथुरा की मतदाता सूची में राधा की संख्या 8842 है तो इनके मुकाबले कृष्ण की 3247 यानी आधे से भी कम। हां 8683 मोहन जरूर है।

दिलचस्प यह भी है कि देवकी और यशोधा लगभग बराबरी पर है। इनकी संख्या क्रमश: 1127 और 1128 है। हरियाणा का कुरूक्षेत्र जिला लोकसभा क्षेत्र भी है। यहां वह वट वृक्ष भी है, जहां कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। कुरूक्षेत्र की मतदाता सूची में 3722 कृष्ण, 31 पार्थ और 3029 गीता है। महाभारत के समय हस्तिनापुर में रहे संजय भी अब कुरूक्षेत्र के मतदाताओं की कतार में शामिल होंगे। यहां इनकी संख्या 1569 है। दो दुर्योधन और एक दुशासन भी है, लेकिन एक भी जयद्रथ और अश्वत्थामा नहीं, 50 अभिमन्यु अपने वोट से चुनावी चक्रव्यूह तोड़ेंगे, लेकिन द्रोणाचार्य कहीं नजर नहीं आएंगे।
 



 

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