आने वाले चुनावों में क्या होगा फिर दागी-बागी प्रत्याशियों का बोलबाला

Samachar Jagat | Friday, 12 Oct 2018 04:22:46 PM
What will happen in the coming elections, then the tainted candidates are dominated

देश की स्वतंत्रता पाने के बाद जब हमने हमारे संविधान देश की सार्वभौमिकता बनाये रखने के लिये, देश के विकास को गति देने में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये और आम जनता की नुमाइन्दिगी पंच से जिला प्रमुख पार्षद से सासंद तक और ऐसी ही विभिन्न लोकतांत्रिक संस्थाओं में जन भागीदारी हेतु प्रतिनिधि दर प्रतिनिधियों की जन समर्थन से नियुक्तियां होने लगी। लेकिन ये जन प्रतिनिधि जो जन सेवा करना जिनका धर्म था, जनप्रतिनिधि जिनका आचरण, आमजन के लिए आदर्श का तथा देश-प्रदेश के विकास में समर्पण ही इनका ईमान था। 

लेकिन सत्तर के दशक के आते-आते ये लोकधर्म, आचरण का आदर्श तथा जनहित के विकास के समर्पण हवा-हवाई होने लगे। न जाने क्यों जन सेवक बनकर आने वाले हमारे जन प्रतिनिधि किसी ना किसी प्रकार के लाछंनो में घिरते आ रहे है किसी पर लाछंन रुतबे का तो किसी पर दबगांई का किसी पर अमानत में खयानत का तो किसी पर राज काज के अन्र्तगत अपने भाई-भतीजों को लाभ पहुंचाने का, परिवारजनों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को चरम तक पहुंचाने का, मर्यादा हनन का राजनैतिक-सामाजिक विद्वेषता का तो किसी पर लाछंन चरित्र हनन का, महिला उत्पीडऩ का तो किसी पर अनुचित व्यापारों को संरक्षण देना। कितने प्रकार के उदाहरण लाछंनो की प्रकृति के बताये जाय, जिस प्रकार आबादी बढ़ रही है उसी प्रकार अपराधों और लाछंनों की संख्या भी विस्तारित होती जा रही है। 



 

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