जो दूसरों की पीड़ा बंटा सके वह संवेदनशील

Samachar Jagat | Thursday, 11 Jan 2018 03:28:11 PM
Who can disturb others

किसी गांव में एक किसान रहता था, वह बहुत सारे पिल्ले पाल कर उन्हें बेचने का काम भी करता था। वह स्पेशल नस्ल के पीले पालता था यह उसका एक तरह का शौक था। उसने अपने फार्म हाउस के बाहर पिल्लों को बेचने के लिए एक विज्ञापन का बोर्ड टांग रखा था। बहुत सारे लोग उधर से आ जा रहे थे। अचानक एक बालक उधर से गुजरा उसका ध्यान उस विज्ञापन की तरफ गया और उसने उदस किसान से पूछा कि श्रीमान जी। मैं इन पिल्लों में से एक पिल्ला खरीदना चाहता हूॅ।

किसान ने बालक से कहा ये पिछले बहुत ही सुंदर है और इनकी सुन्दरता का कारण केवल इनकी अच्छी नस्ल का होना है और यही कारण है कि इनकी कीमत अन्य पिल्लों से थोड़ी ज्यादा हैं। उस बालक ने कहा ठीक है, यह मुझे मंजूर हैं। उसने अपनी जेब में हाथ दिया और कुछ सिक्के निकाले, उनको गिना और फिर बोले- मेरे पास तीस रुपए है, क्या इतने में मुझे एक पिल्ला दे सकते हैं। इस पर किसान नेकहा कि हां मैं इतनी कम राशि में इसलिए दे सकता हूॅ क्योंकि तुम मेरे पहले ग्राहक हो, क्योंकि मैं आज की बिक्री तुमसे ही शुरू करूंगा।

किसान ने जोर से टोनू नाम पुकारा। किसान के पुकारते ही एक कुतिया अपने अपने चार झबराले व सफेद फेरों वालों पिल्ले लेकर बाहर आई। पिल्ले बहुत ही सुंदर लग रहे थे। जैसे कि फर के गोले हो। उस पिल्ले को देखकर वह बालक बोला तरफ आ रहा था। वह लंगड़ा कर चल रहा था। उस पिल्ले को देखकर वह बालक बोला श्रीमान जी मैं इस पिल्ले को ही लेना चाहता हूॅ। किसान ने बालक से कहा बेटा तुम इस पिल्ले को मत लो क्योंकि यह लंगड़ा है और न तो यह अन्य पिल्लों की तरह खेल पायेगा और न ही दौड़ पायेगा।

यह सुनकर बालक तुरंत उठा, अपनी बैशाखियों को संभाला और अपनी एक कृत्रिम टांग और एक पैर के सहारे दौड़ने लगा। कुछ दूर जाने के बाद थोड़ा रूका और किसान से बोला श्रीमान। आपने देखा मँ भी अन्य बालकों की तरह नहीं दौड़ पाता हूॅ और इसीलिए इसे मेरे से बालक की आवश्यसक हैं। क्योंकि मैं ही इसकी भावनाओं और विवशताओं को समझ सकता हूॅ। आइए, हम संवेदनशील बनें क्योंक संवेदनशीलता इंसानियत की नींव होती है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
दूसरों की पीड़ओं को हटाना और बंटाना सच्चे अर्थों में मानवता है और चूंकि हम मानव है इसलिए हममें मानवता होना उसी तरह जरूरी है जिस तरह शरीर में श्वास का।



 

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