जज्बा सब कुछ संभव कर देता है

Samachar Jagat | Thursday, 06 Sep 2018 03:02:17 PM
Yoga makes everything possible

मार्क न्यूसन एपल के डिजायनर का जन्म 20 अक्टूबर 1963 को हुआ। इन्होंने ज्वैलरी और मूर्तियों की डिजाइनिंग में ग्रेजुएट बने। बॉटल ओपनर, फर्नीचर, याट, मोबाइल, जूते और से लेकर जेट तक डिजाइन कर चुके सेलेब्रिटी इंडस्ट्रियल, डिजाइनर न्यूसन को अपने केरिअर के पहले मौके के लिए लम्बा संघर्ष करना पड़ा था। आस्टे्रलिया में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे फर्नीचर डिजाइर के तौर पर ेेकेरिअर शुरू करने अस्सी के दशक के आखिरी में टोक्यो आ गए थे। 

वहां पर कोई काम नहीं मिल रहा था और साथ ही साथ रहने की समस्या भी खड़ी हो गई थी। वहां किसी से दोस्ती की और उसी के साथ वहां रहने लग गए। एक दिन उनकी मित्र तेज बारिश में फंस गर्ई। तभी वहां से गुजर रहे आर्ट फर्नीचर बनाने वाली कंपनी आईडी के हेड टूरो कुरोसाकी ने उन्हें अपना छाता दे दिया। दोनों के बीच बातचीत में पता चला कि कुरोसाकी को डिजाइनर की जरूरत है। उस मॉडल ने तुरंत न्यूसन का नाम आगे बढ़ा दिया। अगले ही दिन न्यूसन ने कुरोसाकी से मुलाकात की और उन्हें नौकरी मिल गई। सामान्य फर्नीचर डिजाइन कर रहे थे। उन्हें काम में आनंद नहीं आ रहा था।

न्यूसन तो ऐसा कुछ बनाना चाहते थे जो सबसे अलग हो। उन्हें 18वीं सदी की फ्रेंच पेंटिंग में बने चेज लाउंज (चेयर के आकार वाला सोफ) देखकर इसकी मेटल की प्रतिकृति लॉकहीड लाउंज बनाने का आइडिया आया। एल्यूमिनियम पैनल्स जमा किए। रोज हथोड़े से पीट-पीटकर इन्हें आकार देने लगे। वे सुबह काम शुरू करते थे और पता ही नहीं चलता था कि कब रात हो गई और यहां तक की खाना-पीना तक छूट गया था। हथोड़े की चोट से हथेली की चमड़ी बहुत मोटी हो गई थी। ऐसा लगभग दो महीने तक चलता रहा और जब चमकीली सफेद लाउंज बनकर तैयार हुआ तो यह बड़ी सी पारे की बूंद की तरह लग रहा था। सिडनी की एग्जीबिशन में लोगों ने इसे इतना पसंद किया कि दुनियाभर की मैगजीन को इसे छापना पड़ा।

 2006 में यह लाउंज एक नीलामी में नौ लाख अड़सठ हजार डॉलर में बिका। किसी जीवित डिजाइनर के फर्नीचर के लिए लगाई गई अब तक कि यह सबसे बड़ी बोली थी। बावजूद उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। उन्होंने फर्नीचर की दुनिया के बाहर कदम बढ़ाने शुरू किए। टे्रंडी, बुटीक, बार और कंज्यूमर प्रोडक्ट डिजाइन करने लगे। सिसेडियो के लिए उन्होंने परफ्यूम की बॉटल डिजाइन की, जिसके लिए उन्हें पहली बार 20 हजार डॉलर मिले। सारे पैसे एस्टिन मार्टिन की स्पोट्र्स कार को खरीदने पर खर्च कर दिए। दुनिया में शायद ही कोई चीज बची हो, जो उन्होंने न डिजाइन की हो। 2004 में उन्होंने नाइकी का शू और 2007 में स्काय जैड का केबिन डिजाइन किया था। और अब उन्होंने एपल ज्वाइन किया है वे कंपनी के फ्यूचर प्रोडक्ट की डिजाइनिंग पर काम करेंगे।

प्रेरणा बिन्दु:- 
कहते हैं सही दिशा, दृढ़ निश्चय, समर्पण और जज्बा जिस किसी में हो वह निश्चित रूप से दुनिया को बहुत कुछ देगा और युवाओं का प्रेरणा स्त्रोत बनेगा मार्क न्यूसन की तरह।



 

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