आप खुशी-समृद्धि-सेहत-सफलता पाने के हकदार हैं

Samachar Jagat | Thursday, 09 May 2019 04:24:05 PM
You are entitled to happiness-prosperity-success

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

यह  विडंबना ही कही जाएगी कि आज अधिकांश व्यक्ति अपनी खुशी कहीं और तलाशते दिखाई देते हैं, स्वयं को दीन-हीन-बलहीन समझते हैं तथा सम्पर्क वालों को या अन्य लोगों को बिल्कुल समृद्ध समझते ही नहीं शत प्रतिशत मानते भी हैं, इसके अलावा शारीरिक रूप से तो स्वयं को हजारों बीमारियों का घर समझते हैं जबकि दूसरों को रंग और शरीर की बनावट के आधार पर ही एकदम स्वस्थ मानते हैं और रही बात सफलता की तो इस बिन्दु पर मुझे कहते हुए कतई संकोच नहीं की मुझसे जितने भी लोग मिलते हैं वे स्वयं को सबसे पहले असफल इंसान का सर्टिफिकेट देते हैं। 

श्रीप्रभु की तरफ से सब कुछ मिला है-नाक-कान-आंख-हाथ-पैर-सोचने-समझने की शक्ति और विचारों-भावनाओं को व्यक्त करने की शक्ति और साथ में प्यारी सी, मधुर सी, यह विराट सृष्टि जिसकी एक झलक से तन-मन की दुर्बलताएं छूमंतर हो जाएं। कहते हैं इस महान प्रकृति का आनंद तो कोई विराट हृदय वाला ही ले सकता है। सर्दी-गर्मी-धूप-बारिश सब कुछ सहन करके भी पेड़ खिलखिलाकर हंसते रहते हैं, गुनगुनाते रहते हैं, शीतलता-शांति लुटाते रहते हैं जो भी आए उसको शरण देते हैं और मधुर फलों से सबका स्वागत करते हैं।

मित्रो, आप भी चांद-सितारों, सागरों-नदियों, झील-तालाबों-झरनों-वृक्षों और जीवनदायिनी हवा की तरह ही हो, बस ऐसा मानने की जरूरत है। जरा एक पल के लिए ही सही लेकिन गंभीर चिंतन-मनन अवश्य करें कि जब सदियों से यह हवा लोगों को जीवन देती आ रही है, तो हम स्वयं के जीवन को भी भार समझने लगते हैं क्यों यह बिना रूके-बिना थके अनवरत अपने कदम बढ़ाती रहती है, जबकि हम छोटी सी मुश्किल आने पर अपने कदमों को धरती में गड़ा देते हैं, थोड़ी सी प्राकृतिक बाधा आने पर थकने और रूकने लगते हैं और तो और जब कोई छोटा सा भी प्रलोभन आ जाता है आंखों के सामने तो आंखों में खुशी के आंसू और मुंह में लार तक टपकने लगती है अर्थात् हम बिकने लगते हैं और दिन में हजारों बार मरना शुरू कर देते हैं। थोड़ा तो चिंतन करो मेरे अपनो कि जब सदियों से बादल बरस रहे हैं, फेल खिल रहे हैं, झरने झर रहे हैं, सागर मोती लुटा रहे हैं और धरती मां लालन-पालन कर रही, सूरज-चंदा रोशन कर रहे हैं तो फिर आप अपने को तंग खानों में बैठा कर अपने तन-मन को मुरझा लेते हैं, अपने भीतर की रोशनी को बुझा लेते हैं और स्वयं को परमानेंट असफल मान लेते हों। उठो, दुनिया की सारी अच्छी चीजें तुम्हारे लिए हैं, यह दुनिया मौकों से-अवसरों से-खुशियों से-समृद्धि से और सफलताओं से भरी पड़ी है।

प्रेरणा बिन्दु:- 
जिंदगी रोने के लिए नहीं है
जिंदगी सोने के लिए नहीं है
जिंदगी तो जिंदादिली से भरी है मित्रो
यह हिम्मत खोने के लिए नहीं है।

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