विपक्षी दलों के ‘भारत बंद’ का रहा मिला-जुला असर

Samachar Jagat | Monday, 10 Sep 2018 06:42:48 PM
mixed impact of bharat bandh of Opposition parties

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों और रुपये के मूल्य में गिरावट के विरोध में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों के ‘भारत बंद’ का सोमवार को मिला-जुला असर रहा और कुछ स्थानों पर तोड़-फोड़ की घटनाओं को छोडक़र यह शांतिपूर्ण रहा। कांग्रेस नेतृत्व में 21 दलों के इस भारत बंद के दौरान बिहार और महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर रेलगाडिय़ों को रोके जाने तथा बसों और अन्य वाहनों में तोड़ फोड़ करने एवं जबरन बाजार बंद कराने की घटनाएं सामने आई।

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कांग्रेस ने सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक आयोजित बंद के सफल होने का दावा किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अध्यक्ष राहुल गांधी तथा कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने बंद की शुरूआत पर सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां से रामलीला मैदान तक रैली निकाली। विपक्षी नेताओं ने रामलीला मैदान में कुछ देर धरना भी दिया जिसमें राहुल गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन भसह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद एवं अशोक गहलोत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल के जयप्रकाश नारायण यादव, राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और आरएसडी के एन के प्रेमचंद्रन सहित विभिन्न दलों नेता मौजूद थे।

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इन नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पेट्रोल और डीजल की कीमतों और महंगाई से त्रस्त है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। पटना में बंद समर्थकों ने प्रमुख डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शन करके यातायात बाधित कर दिया। इस दौरान बंद समर्थकों ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। बंद के दौरान दानापुर, बेलीरोड और मनेर में सडक़ पर टायर जलाकर यातायात को बाधित किया गया। राज्य के सभी जिलों में बंद का व्यापक असर देखा गया।

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बिहार में भारत बंद के समर्थन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), जन अधिकार पार्टी (जाप), समाजवादी पार्टी (सपा) और लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के नेता और कार्यकर्ता सुबह से ही सडक़ों पर उतर आए और जगह-जगह सडक़ तथा रेल यातायात रोकने तथा दुकानों को बंद कराने की कोशिश की। इसी दौरान जाप के कार्यकर्ताओं ने पटना में राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर पूर्व मध्य रेलवे के कर्मचारियों को हाजीपुर ले जाने वाली बस के शीशे तोड़ दिये।

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नालंदा मेडिकल कॉलेज जा रहे एक डॉक्टर के साथ बंद समर्थकों ने दुव्र्यवहार किया। देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के विरोध में भारत बंद के दौरान उपनगर अंधेरी में कांग्रेस नेताओं ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया और पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने एक बस में तोडफ़ोड़ की। शिवसेना ने हालांकि इस बंद का विरोध किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम, वरिष्ठ नेता माणिकराव ठाकरे और अन्य नेताओं को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर ‘ट्रेन रोको’ अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया। मनसे के कार्यकर्ताओं ने घाटकोपर-अंधेरी मेट्रो रेल लाइन को डी एन नगर स्टेशन पर अवरूद्ध कर दिया। चेंबूर स्टेशन पर भी ट्रेन रोकी गई। प्रतीक्षानगर डिपो और वाशी नाका में सरकारी बेस्ट की बसों पर पथराव की रिपोर्ट भी मिली है। 

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पंजाब में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भारत बंद का असर मिला-जुला ही रहा। राज्य के कई जिलों में बाजार बंद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ता जगह-जगह दुकानदारों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील करते और बाजार और दुकानें बंद कराते देखे गए। पंजाब में गुरू ग्रंथ का पहला प्रकाश पर्व होने के कारण सरकारी कार्यालयों तथा सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश रहा। सडक़ों पर बसें दौड़ती नजर आयीं। समूचे राज्य में बंद का मिला-जुला असर दिखाई दिया। 



 

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