केंद्रीय पुस्तकालय में गठित हुई थी छात्र संघर्ष समिति : सुशील

Samachar Jagat | Monday, 05 Aug 2019 11:34:21 AM
Student struggle committee was formed in the central library: Sushil

पटना। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने छात्र आंदोलन को याद करते हुये आज बताया कि पटना विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में ही छात्र संघर्ष समिति का गठन हुआ था, जो बाद में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन का मुख्य सूत्रधार बनी।


मोदी ने यहां उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पटना विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि इस पुस्तकालय का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। 17-18 फरवरी 1974 को इसी हॉल में बैठक कर बिहार छात्र संघर्ष समिति गठित हुई थी, जो बाद में जेपी आंदोलन का मुख्य सूत्राधार बनी और छात्रों के इस आंदोलन के जरिए केन्द्रीय नेतृत्व तक को बदला जा सका। उन्होंने कहा कि यह केवल ज्ञान का केन्द्र ही नहीं अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनांदोलन का केन्द्र भी रहा है। यहां से सत्ता परिवर्तन की लड़ाई लड़ी गई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में आज दुनिया के अनेक पुस्तकालय अस्तित्व संकट से जूझ रही है। पटना केंद्रीय पुस्तकालय की प्रासंगिकता इसका डिजिटिलाइजेशन करके ही बचायी जा सकती हैं। आज की जरूरत है कि यहां हाईस्पीट इंटरनेट, वाई-फाई, एक्स्ट्रा पावर प्लग की व्यवस्था हो ताकि छात्र यहां आकर अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से ई-बुक भी पढ़ सके।

मोदी ने कहा कि पुस्तकालय के सारे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के डिजिटिलाइजेशन किये जाने की आवश्यकता है और सभी छात्रों को मुफ्त एक्सेस की सुविधा मिले जिससे गरीब छात्रों को भी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बदले दौर में किसी लाइब्रेरी को डिजिटल करके ही उसे जीवित और प्रासंगिक बनाए रखा जा सकता है।

इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने शहीद राजेन्द्र प्रसाद सिंह उच्च माघ्यमिक विद्यालय (पटना हाई स्कूल), में आयोजित ‘शताब्दी समारोह’ को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब बिहार के उच्च विद्यालयों के छात्र स्मार्ट क्लास में 55 इंच के टेलीविजन स्क्रीन पर वीडियो के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। स्मार्ट क्लास का प्रयोग बिहार में प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पिछले 14 वर्षाें के कार्यकाल में शिक्षा पर दो लाख 27 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस साल का शिक्षा बजट 34 हजार करोड़ रुपये का है।

मोदी ने कहा कि एक दौर गुरुकुल का था, उसके बाद शिक्षक, क्लासरूम और पाठ्यपुस्तक के जरिए पढ़ाई होने लगी। जमाना बदल रहा है। शिक्षक, क्लासरूम और पुस्तक केन्द्रित नहीं अब सूचना प्रौद्योगिकी और स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाने का दौर है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने पहले लड़कियों और बाद में लडक़ों को भी साइकिल देने की योजना शुरू की। 

इसके तहत अब तक डेढ़ करोड़ छात्र-छात्राओं जिनमें 65 लाख लड़कियां शामिल हैं को साइकिल वितरित की गई है। यह दुनिया में किसी एक राज्य द्वारा साइकिल वितरण की सबसे बड़ी योजना है। इसका परिणाम हुआ है कि बिहार की लड़कियां भी लडक़ों की बराबरी कर रही है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में आठ लाख 22 हजार छात्र और आठ लाख 37 हजार छात्राएं शामिल हुईं थीं, जिनमें 80 प्रतिशत लड़कियां और 78 प्रतिशत लडक़े उत्तीर्ण हुए। उच्च शिक्षा से कोई वंचित नहीं रहे इसलिए सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। इसके तहत 54 हजार आवेदकों को 1427 करोड़ रुपये का ऋण अब तक स्वीकृत किया गया है। -(एजेंसी)



 

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