गणेश चतुर्थी को इसका दर्शन करने से हो सकते है कलंकित

Samachar Jagat | Tuesday, 27 Aug 2019 05:31:16 PM
Ganesh Chaturthi can be tarnished by seeing it

इंटरनेट डेस्क  गणेश चतुर्थी का त्योहार भारत भर में बड़े धुम- धाम से मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान गणेश से सूख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए व्रत रखते है और दाल बाटी का भोग लगाकर प्रसन्न करते है। इस बार गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को मनाई जाएगी। यह त्योहार गणेश चतुर्थी से शुरु होकर अंनत चतुर्थी तक बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। लेकिन महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का त्योहार प्रमुख में माना जाता है। यहा पर जगह-जगह मनमोहक झांकियां देखने को मिलती है और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।

शास्त्रों की मानयता के अनुसार इस दिन चंद्र दर्शन नही करना चाहिए क्योंकि इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को बीना कारण के कलंक लगते है।जिससे उसे कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।इस दिन ऐसा करने से बचना चाहिए।

स्थापना का शुभ मुहूर्त:

 2 सितंबर दिन सोमवार को गणेश चतुर्थी पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 4 मिनट से 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

 पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार यह मुहूर्त सिर्फ 2 घंटे 32 मिनट तक रहेगा।

गणेश चतुर्थी पूजा विधि:

इस दिन गणेश जी की प्रतिमा बनाये। यह प्रतिमा सोने, तांबा, मिट्टी या गाय के गोबर से तैयार की होनी चाहिए। उसके बाद साफ कलश में जल भरकर उसे कोरे कपड़े से बांध दें। तब जाकर भगवान गणेश की प्रतिमा का स्थापना करना चाहिएइसके बाद प्रतिमा पर सिंदूर चढ़ाकर 21 लड्डूओं का भोग लगाते हैं। गणेश जी के पास केवल पाचं लड्डू रखें बाकि बचे हुए लड्डूओं को ब्राह्मणों को दें।



 

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