घोष ने दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लडक़ी से शादी की

Samachar Jagat | Monday, 06 Aug 2018 05:57:29 PM
Ghosh married a girl who accused of raping

नई दिल्ली। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी सौम्यजीत घोष ने उस लडक़ी से शादी कर ली है जिसने 4 माह पहले उन पर बलात्कार का आरोप लगाया था। विश्व रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 58वें स्थान पर पहुंचने वाले घोष पर 18 वर्ष की लडक़ी ने बलात्कार का मामला दर्ज करवाया था जिसके बाद 25 साल के इस टेबल टेनिस खिलाड़ी को राष्ट्रमंडल खेलों में टीम से बाहर कर दिया गया था।

उन्हें आगामी एशियाई खेलों की टीम में भी जगह नहीं मिली है। घोष को उम्मीद है कि कोर्ट में चल रहे उनके मामले की सुनवाई जल्द पूरी होगी और वह इस खेल में वापसी करेंगे। घोष ने कहा कि उनका लक्ष्य अपने तीसरे ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का है।

भारत की युवा फुटबॉल टीमों ने रचा इतिहास

लंदन और रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले इस खिलाड़ी ने कहा कि मेरा लक्ष्य तीसरे ओलंपिक में खेलना है लेकिन अभी सारा ध्यान कानूनी दांव पेच में है। मेरा वजन भी काफी बढ़ गया है। वापसी करना मुश्किल होगा लेकिन मुझे इसका तरीका ढूंढना होगा।

घोष ने पीटीआई से कहा कि कहते है ना भारत में खिलाडिय़ों को कुछ पाने के लिए बहुत सारी परेशानियों से गुजरना होता है। ऐसी स्थिति से आप और मजबूत होते हैं लेकिन 4 माह पहले मेरे साथ जो हुआ उसने मुझे पूरी तरह झकझोर दिया। मुझे नहीं पता था कि इससे कैसे निपटना है।

उन्होंने कहा कि हर कोई लडक़ी के बारे में सोच रहा था। वह युवा है। मैं भी युवा हूं। जब हमने डेटिंग शुरू की तब वह नाबालिग थी, मैं 22 वर्ष का था। मैं अब भी युवा हूं। अब मैं पीछे नहीं देखना चाहता हूं, भविष्य पर ध्यान लगना चाहता हूं।

मुझे उम्मीद है कि कोर्ट में ये मामला जल्द सुलझ जाएगा और मैं अभ्यास शुरू कर पाऊंगा। घोष के खिलाफ जब यह मामला दर्ज हुआ था तब वह जर्मनी में खेल रहे थे। इंडिया में गिरफ्तारी से बचने के लिए वे यूरोप के 3-4 पर अलग अलग देशों में ही रूके रहे और मई में स्वदेश वापस आए।

उन्होंने कहा कि इस समय मुझे पता चला कि मेरा शुभचिंतक कौन है। मैं पूरी तरह टूट चुका था। मैं अपने करियर के शीर्ष पर था, जर्मनी में अच्छे क्लब के लिए खेल रहा था और कुछ ऐसा हो गया। मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन मैं उस समय से आगे निकल चुका हूं।

वेस्टइंडीज को 19 रन से हराकर बांग्लादेश ने जीती श्रृंखला 

ऐसे दो लोगों और जाहिर हैं मेरे माता-पिता की मदद के बिना संभव नहीं होता। मुश्किल वक्त में शरत कमल, जी सथियान, हरमीत देसाई और राष्ट्रीय टीम के दूसरे खिलाड़ी घोष के साथ खड़े दिखे। उन्होंने कहा कि टीटीआईएफ, खिलाड़ी सब मेरे साथ खड़े थे। सब कुछ गलत हो रहा था लेकिन उनके समर्थन से मैं मजबूत रहा।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.