हीना ने एशियाई खेलों में अपना पहला व्यक्तिगत पदक हासिल किया

Samachar Jagat | Friday, 24 Aug 2018 04:20:22 PM
Heena achieved her first individual medal in Asian Games

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पालेमबांग। भारत की अनुभवी निशानेबाज हीना सिद्धू ने महिला एशियाई खेलों के 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में आज कांस्य पदक हासिल किया जबकि युवा निशानेबाज मनु भाकर को एक बार फिर निराशा हाथ लगी और वह पांचवें स्थान पर रहीं। मुकाबले में जब सिर्फ तीन निशानेबाज बचे थे तक हीना लगभग परफेक्ट 10.8 का निशाना लगाने में सफल रहीं लेकिन अगले निशाने में वह 9.6 अंक हर हासिल का सकी और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

हीना और स्वर्ण पदक विजेता के बीच सिर्फ 0.1 अंक का फासला था। उन्होंने फाइनल में 219.3 अंक बनाये। क्वालीफिकेशन दौर में हीना एक समय 13वें और 17वें स्थान पर थी लेकिन लय पाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और तालिका में ऊपर चढ़ती गयी।राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता सोलह साल की मनु के लिए आज एक और निराशाजनक दिन रहा वह 176.2 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल से बाहर हुई। इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन की वांग कियान को मिला जिन्होंने 240.3 अंक बनाये, जो इन खेलों का नया रिकार्ड है।

दक्षिण कोरिया कि किम मिनजुंग ने 237.6 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। यह लगातार दूसरी स्पर्धा है जब मनु ने क्लालीफिकेशन में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में चूक गयी। हरियाणा की इस खिलाड़ी ने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में इन खेलों के रिकार्ड बनाया था और वह आज क्वालीफिकेशन में तीसरे स्थान पर रहीं।विश्व कप में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाली हीना क्वालीफिकेशन के बाद 571 अंक के साथ सातवें स्थान जबकि मनु 574 अंक के साथ तीसरे स्थान पर थी। हीना ने पीटीआई से कहा, '' यह (पदक हासिल करना) फाइनल में मेरे प्रयास के कारण हुआ।

क्वालीफिकेशन के प्रदर्शन से निराश हूं। मैं उस से खुश नहीं हूं।" लुधियाना की 28 साल की इस निशानेबाज ने कहा, '' फाइनल्स में मुझे पहले शॉट से ही कड़ी टक्कर मिली। फाइनल्स में आप ज्यादा दबाव में होते है। आप इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं होते है कि आपकी गलती है या ग्रुप की। इसलिए मैं रक्षात्मक रहने की कोशिश कर रही थी। मुझे लगता है कि अगर मैंने जल्दी फैसला लिया होता और शुरूआत में ज्यादा निशाना लगाया होता तो मैं स्वर्ण जीत सकती थी।" हीना को इन खेलों में सिर्फ एक स्पर्धा के लिए चुना गया जबकि मनु को तीन स्पर्धाओं (10 मीटर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और मिश्रित टीम स्पर्धा) के लिए चुना गया।

एशियाई खेलों के पहले हीना ने कहा था कि चयन मानदंडों के अनुसार उन्हें मिश्रित टीम में होना चाहिए था। उन्होंने एक बार फिर कहा, '' अब स्पर्धा खत्म हो गयी है और अब उस बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं। मुझे हालांकि अब भी लगता है कि मुझे मिश्रित टीम में जगह मिलनी चाहिए थी। इस साल राष्ट्रमंडल खेलों के 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण और 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली हीना ने एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती का परिचय दिया। गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में मनु ने 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हीना को पछाड़ का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

मनु यहां उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी लेकिन आगामी विश्व चैम्पियनशिप में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उनके कोच जसपाल राणा ने कहा कि मनु को और अधिक समय दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, '' वह अभी काफी युवा है। उसे यह सिखना होगा कि बड़े फाइनल के दबाव से कैसे निपटना है। यह अनुभव के साथ आएगा। आपको पदक जीतने के लिए परिपक्व होना होगा।- एजेंसी

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