साइना की हार के साथ भारत बैडमिटन महिला टीम स्पर्धा से बाहर

Samachar Jagat | Monday, 20 Aug 2018 01:27:52 PM
Saina Nehwal out of Women Badminton Women Team

जकार्ता। पीवी सिंधू ने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी अकाने यामागुची को हराया, लेकिन खराब फार्म से जूझ रही साइना नेहवाल चार मैच अंक बचाने के बावजूद नोजोमी ओकुहारा से हार गई जिससे भारत एशियाई खेलों की महिला टीम बैडमिटन स्पर्धा से बाहर हो गया।

भारतीय महिला टीम ने इंचियोन में 4 वर्ष पहले कांस्य पदक जीता था। भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में दुनिया की सबसे मजबूत टीम से हार गई। सिंधू और यामागुची के बीच मुकाबला नजदीकी था लेकिन सिंधू ने 21.18, 21.19 से जीत दर्ज की।

उसने 41 मिनट तक चला मुकाबला जीतकर इंडिया को बढत दिलाई। वे विश्व चैम्पियनशिप में भी यामागुची को हरा चुकी है। एन सिक्की रेड्डी और अराती सुनील को युकी फुकुशिमा और सायाका हिरोता ने 21.15, 21.6 से हराया। दूसरे महिला एकल मुकाबले में साइना ने शानदार वापसी करके दूसरे गेम में चार मैच अंक बचाये लेकिन एक घंटे 11 मिनट तक चला मुकाबला 11.21, 25.23, 16.21 से हार गई।

शुरूआत में साइना ने कई सहज गलतियां की जबकि ओकुहारा काफी लय में थी। इसके बावजूद साइना ने दूसरे गेम में वापसी की लेकिन निर्णायक गेम में लय कायम नहीं रख सकी। करो या मरो के चौथे मुकाबले में सिधू और अश्विनी पोनप्पा को मिसामी मत्सुतोमो और अयाका ताकाहाशी ने 21.13, 21.12 से हराया।

साइना पहले गेम में सिर्फ एक बार हावी होती नजर आई लेकिन ओकुहारा ने उसे कोई मौका नहीं दिया। वे 11.19 से पिछड़ गई और पहला गेम हार गई। दूसरे गेम में उसने वापसी की और पिछड़ने के बाद स्कोर 20.20 से बराबर किया। इसके बाद लगातार मैच प्वाइंट बनाकर गेम जीता लेकिन निर्णायक गेम में लय कायम नहीं रख सकी।

मैच के बाद सिधू ने पीटीआई से कहा कि ये काफी मुश्किल ड्रा था, पहले ही मैच में जापान से सामना कर पड़ा। मैं अपनी तरफ से भारत को शानदार शुरूआत दिलाने चाहती थी। युगल खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। जापान ने रणनीतिक खेल खेला। साइना ने भी अपना सौ प्रतिशत दिया।

वे तीसरे सेट में 16-16 की बराबरी पर थी, दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ स्कोर का ही अंतर था। उन्होंने कहा कि जापानी खिलाड़ियों (मियाकी और अयाका) ने अच्छी रणनीति अपनाई, उन्होंने हमें गलतियां करने पर मजबूर किया। दुनिया की शीर्ष 10 टीमों का स्तर लगभग एक समान ही हैं।

हम यह नहीं कह सकते की कौन मजबूत है कौन कमजोर। हालांकि सभी खिलाड़ी एक दूसरे से अलग हैं।पोनप्पा ने कहा कि वह सिंधू के साथ जोड़ी बनाकर ज्यादा नहीं खेलती लेकिन वह सर्वश्रेष्ठ विकल्प थी। उन्होंने कहा कि सिंधू को मैंने ही चुना था। वे मजबूत खिलाड़ी है और कठिन स्मैशर्स लगाती है। हमें इससे (जोड़ी) जीत दर्ज करने का भरोसा था। हमने थाईलैंड के खिलाफ उबर कप में खेला था और निर्णायक जीत दर्ज की थी।



 

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