850 मैच खेलने के बाद स्टीवन गेरार्ड ने अन्तर्राष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा

Samachar Jagat | Friday, 25 Nov 2016 02:23:36 PM
850 मैच खेलने के बाद स्टीवन गेरार्ड ने अन्तर्राष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा

खेल डेस्क- इंग्लैंड के महान फुटबॉलर स्टीवन गेरार्ड ने 19 वर्ष में 850 से अधिक मैच खेलने के बाद संन्यास ले लिया है। 36 वर्षीय मिडफील्डर ने अंतिम प्रमुख मैच लॉस एंजिलिस गैलेक्सी की तरफ से खेला था। उनके अचानक संन्यास की घोषणा से कुछ संदेह की स्थिति बनी, लेकिन पूर्व इंग्लिश कप्तान ने संकेत दिए कि वह प्रबंधन में जाने की तैयारी में हैं।

गेरार्ड का करियर बेहद शानदार रहा है और उन्होंने इसके लिए अपने से जुड़े हर व्यक्ति का धन्यवाद अदा किया है। गेरार्ड ने अपने आलीशान करियर में इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम तथा लिवरपूल और लॉस एंजिलिस गैलेक्सी का प्रतिनिधित्व किया।

गेरार्ड का करियर-
ब्लैकबर्न रोवर्स के खिलाफ लाल जर्सी पहनकर खेलने वाले इस फुटबॉलर के बारे में कम ही लोगों ने अनुमान लगाया था कि वो करियर में इतनी ऊंचाईयां हासिल करेंगे। गेरार्ड ने चैंपियंस लीग, यूएफा कप, दो बार एफए कप और तीन बार लीग कप का ख़िताब जीता। दिग्गज फुटबॉलर के खाते से सिर्फ प्रीमियर लीग की ट्रॉफी नदारद रही। मगर इससे उनकी उपलब्धियों पर कोई संदेह नहीं कर सकता।

गेरार्ड लिवरपूल का अतुलनीय हिस्सा रहे। उन्होंने इस टीम को 2015 में छोड़ने से पहले कई घरेलू व कॉन्टिनेंटल ट्रॉफी जितवाई। संन्यास लेने के कुछ समय बाद ही गेरार्ड को लिवरपूल का मैनेजर बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। पूर्व यूएफा क्लब फुटबॉलर ऑफ़ द इयर (2005) ने इंग्लैंड की तरफ से 114 मैच खेले और 21 गोल किए।

संन्यास के बाद क्या बोले गेरार्ड-
'एक युवा के तौर पर मैंने लिवरपूल की लाल जर्सी पहनकर अपने सपने को पूरा किया। जब मैंने नवंबर 1998 में ब्लैकबर्न रोवर्स के खिलाफ डेब्यू किया तब कभी नहीं सोचा था कि अगले 18 वर्ष तक क्लब के लिए खेल सकूंगा।

मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि अपने करियर के दौरान कई शानदार चीजों का गवाह बना। मुझे लिवरपूल के लिए 700 से अधिक मैच खेलने पर गर्व है, जिसमें से अधिकांश कप्तान के रूप में खेले और टीम को कई सफलताएं दिलाई। सबसे शानदार शाम इस्तांबुल की रही।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुझे 114 मैच खेलने का मौका मिला और अपने देश की टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका भी मिला। इंग्लैंड की जर्सी पहनने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता है। बहुत लोगों के समर्थन के कारण ही मैं इस मुकाम पर पहुंच सका।

सबसे पहले तो मैं लिवरपूल फुटबॉल क्लब का धन्यवाद अदा करना चाहता हूं। मुझे गर्व है कि कई वर्षों तक लिवरपूल की कप्तानी की और एक मुकाम हासिल किया।

मैं भाग्यशाली रहा कि इतने महान खिलाडियों के खिलाफ खेला और एनफील्ड में कई शानदार मैनेजर्स के साथ काम करने का मौका मिला। मैं हर उस व्यक्ति का धन्यवाद अदा करता हूं, जिसका समर्थन मेरे साथ रहा।'

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