क्या आपका भी हुआ है ब्रेकअप...इन एप्स पर ढूंढ़े अपना पार्टनर

Samachar Jagat | Wednesday, 06 Dec 2017 02:30:37 PM
Have you had a breakup ... Find your partner on these apps

टेक डेस्क। आजकल रिश्तों बनाने में समय लगता है लेकिन रिश्ते टूटने में समय नहीं लगाते। सहन करने की शक्ति लोगों  कम होती जा रही है। आजकल गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाने का चलन है। ऐसे में कोई रिश्ते में सीरीयस होता है तो कोई टाइमपास के लिए यह सब करते हैं। छोटी-छोटी बातों पर ब्रेकअप हो जाता है तो कई बार प्यार में धोखा मिलता है। कई कारण है जिससे दो मिनट में रिश्ते टूट जाते हैं।

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ऐसे में आपका स्मार्टफोन या कंप्यूटर आपके साथ होंगे। आज कई ऐप और वेबसाइट्स हैं जो किसी 'खास' की तलाश में जुटे आशिकों के लिए बनाए गए हैं। दिल की जमीन पर फायदे का बिजनेस खड़ा हो चुका है। इन बिजनेस का जोर लोगों को सच्चा साथी खोजने या ब्रेकअप से उबरने में मदद करना है। ये नए वेंचर्स करीब रहने वाले सिंगल लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करते हैं कि अवांछित लोग उन्हें परेशान न करें। यहां पर कुछ ऐसी ही एप्स के बारे में बताया जा रहा है।

क्रश- क्रश में भी यूजर अपनी सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल के जरिए लॉग-इन कर सकते हैं। इस एप के फाउंडर रजत राव है। उन्होनें अपने अनुभवों के आधार पर इस एप को बनाया। राव के अनुसार अपने दोस्तों से उनकी पहचान वाली लड़कियों से मुलाकात कराने को कहना बेहद मुश्किल होता था। राव बेंगलुरु के राव परड्यू यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं।

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ट्रूली मैडली- हितेश धींगरा ने 2012 में ट्रूली मैडली की स्थापना की थी जो एक अलगोरिदम के जरिए लोगों को मैच करता है। इसके सेफ्टी फीचर में इससे कोई ऐसा शख्स नहीं जुड़ सकता जिसका फेसबुक स्टेटस मैरिड हो और जिसके 50 से कम फ्रेंड हों।

टिंडर- इस एप को कैलिफॉर्निया के जस्टिन मटीन और सॉन रैड ने बनाया है। इसमें लोग सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल के जरिए लॉग-इन करते हैं। इस एप की मदद से लोग 100 किमीं के क्षेत्र में अपने पार्टनर को खोज सकते हैं। एक-दूसरे को खोजने के बाद अगर दोनों इंटरेस्ट रखते है तो यह एप दोनों की मुलाकात करवाता है।

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फ्लो- कहा जाता है कि जब दोनों पार्टनर के गुण मिले तब ही वे साथ रह सकते है और यह सही भी है। इस एप को बनाने वाले सिद्धार्थ का मानना है कि लोग एक जैसी रुचियों के कारण ही साथ आते हैं। सिद्धार्थ माइक्रोसॉफ्ट इंडिया में काम कर चुके है उन्होनें ही सिंगल्स नेटवर्क फ्लो शुरू किया है। सिद्धार्थ को यह आइडिया तब आया जब वह अपनी होने वाली पत्नी से पहली बार एक पनीर टेस्ट करने की एक वर्कशॉप में मिले। उनकी कंपनी वीकेंड इवेंट्स ऑर्गनाइज करती है और सिंगल युवाओं के लिए डिनर अरेंज करती है। फ्लो के जरिए कई कपल्स की शादियां हुई हैं।

ब्रेकअप ऑनलाइन डॉट कॉम- अगर ऊपर दी गई इन सभी एप्से से भी आपको मदद नहीं मिली है तो निराऩ न हो। यह शानदार एप बड़े काम की है। यह जरूर आपकी मदद करेगी। ब्रेकअप हेल्पलाइन डॉट कॉम आपकी मदद करने के लिए तैयार है। यह एक ऐसी हेल्पलाइन है जो टूटे दिल वालों के लिए कई सेवाएं मुहैया कराती है। इसमें ऐसे दिलजलों को फूल, गिफ्ट और नोट्स भेजना, फिल्मों के टिकट दिलाना शामिल है। साथ ही इसमें दिन भर बात करने के लिए एक शख्स की भी सर्विस मिलती है। इस स्टार्टअप के पीछे भी निजी एक्सीपीरियंस का अहम रोल है। ब्रेकअप से गुजर रहे अंकित अनुभव को जब गम बांटने को कोई नहीं मिला तो उन्हें यह सर्विस शुरू करने का आइडिया आया।

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