ई-पर्यटक वीजा शुल्क की जल्द समीक्षा संभव नहीं

Samachar Jagat | Wednesday, 12 Sep 2018 12:07:05 PM
E-tourism visa fee is not possible to be reviewed soon

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नई दिल्ली। ई-पर्यटक वीजा शुल्क की जल्द समीक्षा की संभावना नहीं है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय ने इसको लेकर चिंता  जताई है। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि यह शुल्क अन्य देशों के साथ पारस्परिक आधार पर तय किया गया है, इसलिए इसकी जल्द समीक्षा संभव नहीं है। केंद्रीय पयर्टन मंत्री के जे अल्फोंस ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ई-पर्यटक वीजा शुल्क में वृद्धि की समीक्षा का आग्रह किया है। 

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अगुवाई वाली उच्चस्तरीय समिति ने विचार विमर्श किया है। इस बैठक में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने सूचित किया कि वीजा शुल्क पारस्परिक आधार पर तय किया जाता है और नया शुल्क ढांचा उचित है। अधिकारी ने संकेत दिया कि इसकी जल्द समीक्षा नहीं हो सकती है। पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ई-पर्यटक वीजा शुल्क में बढ़ोतरी से उसकी अगले तीन साल में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को दोगुना करने की योजना प्रभावित हो सकती है। 

इस मुद्दे पर पूछे जाने पर अल्फोंस ने सोमवार को कहा कि पर्यटन मंत्री के रूप में यह मेरा दायित्व है कि मेरे क्षेत्र के लिए जो सर्वश्रेष्ठ है वह किया जाए। इसी वजह से मैंने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इसकी समीक्षा का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, यदि गृह मंत्रालय ने इस पर फैसला कर लिया है, तो यह देशहित में ही होगा। मैं उससे संतुष्ट हूं। 

पहले ई वीजा शुल्क शून्य, 25 डॉलर, 48 डॉलर और 60 डॉलर के चार स्लैब में था। अब इसे तीन स्लैब में शून्य, 80 डॉलर और 100 डॉलर, साथ में वीजा शुल्क पर ढाई प्रतिशत का बैंक शुल्क भी लागू है। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के लिए ई-पर्यटक वीजा शुल्क 100 डॉलर है, क्योंकि वे भारतीयों से भी ऊंचा शुल्क वसूलते हैं। -एजेंसी

 
 

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