देहरादून चिड़ियाघर में पर्यटकों के लिए अब थ्री डी मूवी थियेटर भी

Samachar Jagat | Sunday, 08 Jul 2018 12:06:29 PM
Now 3D theaters for tourists in Dehradun zoo

देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी को पर्यटकों की सबसे पसंदीदा सैरगाह के तौर पर देखा जाता है। दो छुट्टियां आते ही लोग बसों, गाड़ियों, टैक्सी से तरफ निकल पड़ते हैं और हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश तथा मसूरी के दर्शनीय स्थलों पर जा पहुंचते हैं। बार बार इन स्थानों की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों के लिए देहरादून के चिड़ियाघर में थ्री डी थियेटर की व्यवस्था करके दिलचस्पी की एक और वजह पैदा की गई है। वैसे देहरादून से मसूरी जाने वालों ने मालसी डियर पार्क जरूर देखा होगा, जिसे अब देहरादून मिनी जू में तब्दील कर दिया गया है। यहां वन्यजीवों, पक्षियों और मछलियों की कई प्रजातियां होने के कारण पिछले कुछ समय में ही यहां पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों संख्या में इजाफ़े के साथ ही इसके राजस्व में तेजी से हो रही बढोत्तरी इसकी बढ़ती लोकप्रियता का सबूत है । 

वर्ष 2014-15 में जहां 2,38,225 पर्यटक इस चिड़ियाघर को देखने आये वहीं वर्ष 2016-17 में यह संख्या दोगुनी होकर 4,11,740 पहुंच गयी ​जो पिछले साल और बढकर 6,19,450 हो गयी । इसी प्रकार, वर्ष 2014-15 में चिडियाघर ने 25.61 लाख रूपए राजस्व अर्जित किया जो वर्ष 2016-17 में बढकर 76.73 लाख रूपए और पिछले साल 2017-18 में 198.85 लाख रूपए पर पहुंच गया। वन संरक्षक और देहरादून चिड़ियाघर के निदेशक प्रसन्न कुमार पात्रो ने बताया कि जू में जानवरों और पक्षियों के बेहतर प्रबंधन और अच्छे रखरखाव के चलते इस साल पर्यटकों की संख्या आठ लाख पार हो जाने की उम्मीद है । जानवरों और पक्षियों को देखने आ रहे पर्यटकों के लिए हाल में बना मछलीघर और थ्री डी थियेटर एक नये आकर्षण के रूप में सामने आये हैं । 

दून घाटी में साल के घने और सुरम्य जंगलों के बीच स्थित इस चिड़ियाघर में फिलहाल 200 जानवर और पक्षी मौजूद हैं जिनमें तेंदुआ, चित्तीदार हिरन, सांभर, बाकिंग डीयर, घुरल हिरन, मगरमच्छ, कछुओं की चार प्रजातियों के अलावा, विभिन्न प्रकार के तोते, मोर, सिल्वर फीजेंट, गोल्डन फीजेंट, कलीज फीजेंट, सन कोन्योर, ब्लू गोल्ड मकाओ, कोकोटेल्स, लव बर्डस, रेड जंगल फाउल, टर्की, एमू और शुतुरमर्ग शामिल हैं। मछलीघर और थ्री डी थियेटर के अलावा जू में एक बेहतरीन कैक्टस गार्डन भी बनाया गया है जो जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि ​जू में जुरासिक पार्क, एडवेंचर पार्क, बोन्जाई पार्क और इंटरप्रेटेशन सेंटर बनाने की भी योजना है । पात्रो ने बताया कि जल्द ही जू में तेंदुए समेत अन्य जानवरों को लाने की भी योजना है । उन्होंने बताया कि ब्लैक बियर, स्लॉथ बियर, हाइना, जैकल, लोमड़ी, भेड़िया, चार प्रकार के प्राइमेट, चार प्रकार के छोटे स्तनपायी प्राणी, रात में सक्रिय प्राणी और 12 प्रकार के सांपों को भी जू में शामिल किया जाएगा ।

इतने जानवरों और पक्षियों को जू में लाने के बाद कहीं जगह कम न हो इसे देखते हुए चिड़ियाघर का विस्तार किया जाएगा । उन्होंने कहा कि फिलहाल पांच हेक्टेअर क्षेत्र में फैले इस जू को जल्द ही 25 हेक्टेयर तक विस्तृत किया जाएगा और उसके बाद उसे  मीडियम जू  में उच्चीकृत करने के प्रयास किए जायेंगे । निदेशक ने बताया कि यह चिड़ियाघर घायल और आपसी संघर्ष में चोटिल होने वाले जंगली जानवरों के लिए एक प्रमुख बचाव केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहा है। पिछले कई सालों से अपने बच्चों के साथ नियमित रूप से यहां आने वाली दून निवासी शिक्षिका मंजु रौतेला भी चिड़ियाघर में जानवरों और पक्षियों के बेहतर रखरखाव से काफी प्रसन्न नजर आयीं । मंजु ने कहा कि अब जू का स्वरूप काफी बदल गया है, बच्चे भी ज्यादा आनंद उठा रहे हैं जिससे हम भी बहुत खुश हैं । -एजेंसी 



 

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