पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा दक्षिण हरियाणा

Samachar Jagat | Sunday, 10 Jun 2018 10:32:45 AM
South Haryana will be a tourist attraction

चंडीगढ़। हरियाणा के दक्षिणी भाग में स्थित माधोगढ़-महेंद्रगढ़-नारनौल-रेवाड़ी और उनके आस पास के इलाकों में ऐतिहासिक विरासतों के आधार पर क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए इन इलाके को जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका विकास केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत किया जाएगा। राज्य के पर्यटन मंत्री राम विलास शर्मा ने कहा कि इस इलाके को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्री के. जे. अल्फोंस से दिल्ली में चर्चा कर चुके हैं।

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शर्मा ने कहा कि इस बारे में अगली बैठक अधिकारियों के साथ माधोगढ़ किले में सोमवार को होनी है। अरावली पर्वत की माधोगढ़ पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस किले में बैठक का मकसद इस परियोजना के लिए खाका खींचना है। महेंद्रगढ़ जिले में स्थित करीब 500 वर्ष से ज्यादा पुराने माधोगढ़ किले का निर्माण मराठा शासक माधोजी राव ने कराया था। महेंद्रगढ़ जिले में ही एक और महत्वपूर्ण किला महेंद्रगढ़ है, जो मराठाओं ने ही 18वीं सदी के उत्तार्द्ध में बनवाया था। इसका नामकरण पटियाला के महाराजा नरेंद्र सिंह के बेटे महेंद्र सिंह के सम्मान में महेंद्रगढ़ रखा गया। इस परिपथ में अन्य कई ऐतिहासिक इमारतें हैं जो फिलहाल उपेक्षा का शिकार हैं। इनमें छाता राय मुकुंद, तख्त बावली, धोसी पहाड़ी और रेवाड़ी का बड़ा तालाब और सोना राही शिव धरोहर शामिल हैं।

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छाता रायमुकुंद एक पांच मंजिला इमारत है जिसका निर्माण नारनौल के दीवान राय-ए-रायन मुकुंद दास ने 16वीं सदी के दौरान कराया था। तख्त बावली सम्राट अकबर के दौर में बनवाया गया एक रिसॉर्ट है जबकि धोसी पहाड़ी को अरावली के विलुप्त हो चुके ज्वालामुखी के तौर पर जाना जाता है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा से इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करना चाहती थी। किसी भी क्षेत्र का पर्यटक स्थल के तौर पर विकास होने उस क्षेत्र का विकास स्वत: हो जाता है। इस परियोजना से बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना को 2014-15 में शुरु किया जिसका मकसद भारत में थीम आधारित पर्यटन का विकास करना है।-एजेंसी 

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