पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है राजस्थान की ये बावड़ी

Samachar Jagat | Thursday, 05 Jul 2018 11:51:57 AM
This Bawdi of Rajasthan is a major tourist attraction.

इंटरनेट डेस्क। पुराने समय में सीढ़ीदार कुएं बनाए जाते थे, इन कुओं को बावड़ियों के नाम से जाना जाता था। इन बावड़ियों को राजाओं द्वारा बनवाया जाता था। राजाओं ने कुछ बावड़ियों का निर्माण रानियों के लिए और कुछ बावड़ियों का निर्माण प्रजा के लिए किया था। ये बावड़ियां देखने में बहुत ही सुन्दर और आकर्षक है। इन बावड़ियों की सुंदरता को देखने के लिए पर्यटक इन स्थानों पर जाते हैं। भारत के अलग-अलग राज्यों में बनाई ये बावड़ियां आज पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गई हैं। हम आपको यहां एक ऐसी ही खास बावड़ी के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में जानने के बाद आप भी इसे देखे बिना नहीं रह पाएंगे।

ये बावड़ी है चांद बावड़ी, राजस्थान के आभानेरी में बनी चांद बावड़ी दुनिया की सबसे पुरानी और गहरी बावड़ी है। इसमें 3,500 पतली-पतली सीढ़ियां बनी हुई हैं। 9वीं शताब्दी में निर्मित इस बावडी का निर्माण राजा मिहिर भोज (जिन्हें चाँद नाम से भी जाना जाता था) ने करवाया था। उन्हीं के नाम पर इस बावडी का नाम चाँद बावडी पड़ा। 13 मंजिला यह बावडी 100 फ़ीट से भी ज्यादा गहरी है, जिसमें भूलभुलैया के रूप में करीब 3500 सीढियां हैं।

इसके ठीक सामने प्रसिद्ध हर्षद माता का मंदिर है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि जो भी सच्चे मन से माता से कुछ मांगता है, माता उसकी मुराद पूरी करती हैं। चाँद बावडी एवं हर्षद माता मंदिर दोनों की ही खास बात यह है कि इनके निर्माण में प्रयुक्त पत्थरों पर शानदार नक्काशी की गई है, साथ ही इनकी दीवारों पर हिंदू धर्म के सभी 33 कोटी देवी-देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं। इसकी इसी खासियत को देखने के लिए घरेलू पर्यटकों के साथ ही बाहर के पर्यटक भी आभानेरी आते हैं।

इन बिल्डिंग्स को देखकर आप रह जाएंगे हैरान, एकदम अलग है इनकी बनावट



 

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